ईरान युद्ध से अमेरिका पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ, अब तक 30 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' सैन्य अभियान शुरू किया है, जिससे पश्चिम एशिया में युद्ध ...और पढ़ें

सात अक्टूबर 2023 से अमेरिका ने इजरायल को लगभग 21.7 अरब डॉलर की सैन्य सहायता प्रदान की है
HighLights
अमेरिका-इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान छेड़ा।
अमेरिका पर 30 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक बोझ।
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के पहले दिन 77.9 करोड़ डॉलर खर्च।
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से शनिवार से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। उनके हमले के साथ ही पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात के संकेत दे चुके हैं कि अभियान चार से पांच सप्ताह चल सकता है।
ऐसे में यह सवाल उठता है कि इस युद्ध का अमेरिका पर कितना आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसे लेकर अनुमान लगाए जा रहे हैं। अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को ट्रंप ने अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक आठ मिनट का वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान शुरू करने की पुष्टि की थी।
इसके बाद अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने इस अभियान को आपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। ब्राउन यूनिवर्सिटी की 2025 कॉस्ट आफ वार रिपोर्ट के अनुसार, सात अक्टूबर 2023 से अमेरिका ने इजरायल को लगभग 21.7 अरब डॉलर की सैन्य सहायता प्रदान की है।
इसके अलावा, अमेरिकी करदाताओं ने यमन और ईरान समेत पश्चिम एशिया में इजरायल के समर्थन में अमेरिका के अभियानों के लिए 9.65 अरब डॉलर से लेकर 12.07 अरब डॉलर तक के खर्च का बोझ उठाया। इससे संघर्ष से संबंधित कुल अमेरिकी खर्च 31.35 अरब डॉलर से लेकर 33.77 अरब डॉलर तक पहुंच गया और यह लगातार बढ़ता जा रहा है।
पहले दिन खर्च हुए 77.9 करोड़ डॉलर
अनाडोलू न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की तरफ से ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले 24 घंटे के दौरान 77.9 करोड़ डॉलर खर्च किए जाने का अनुमान है। हमले से पूर्व की तैयारियों जिसमें विमानों, युद्धपोतों और अन्य सैन्य साजो-सामान की तैनाती पर 63 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है।
जबकि न्यू अमेरिकन सिक्यूरिटी सेंटर के अनुसार, विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड जैसे युद्धपोत बेड़े के एक दिन के संचालन का खर्च लगभग 65 लाख डॉलर है।
कुल लागत का अनुमान लगाना कठिन
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान के खिलाफ अभी चल रहे सैन्य अभियान की कुल लागत का अनुमान लगाना कठिन है। अभी यह नहीं बताया जा सकता है कि यह नया युद्ध अमेरिका के लिए कितना महंगा साबित हो सकता है।
अलजजीरा से स्टीमसन सेंटर के सीनियर फेला क्रिस्टोफर प्रेबल ने कहा, 'पेंटागन ने इस बारे में सूचना प्रकाशित नहीं की है। इसलिए हम केवल अनुमान लगा सकते हैं। हम केवल विभिन्न हथियारों, नौसैनिक अभियानों और अन्य खर्चों का अनुमान लगा सकते हैं।'
