अमेरिकी संसद में रूस प्रतिबंध बिल पारित, भारतवंशी सांसद ने भी पक्ष में किया मतदान
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस प्रतिबंध विधेयक पारित किया, जिसमें भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने अपनी पार्टी के रुख के विपरीत पक्ष में मतदान किया।

अमेरिकी संसद में रूस प्रतिबंध विधेयक पारित
HighLights
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस प्रतिबंध विधेयक पारित किया।
राजा कृष्णमूर्ति ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया।
विधेयक में रूस से तेल-गैस खरीदने पर टैरिफ का प्रावधान।
पीटीआई, वाशिंगटन। अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा से रूस प्रतिबंध विधेयक बुधवार को पारित किया गया। राजा कृष्णमूर्ति इस विधेयक के पक्ष में मतदान करने वाले इकलौते भारतीय-अमेरिकी सांसद रहे।
उन्होंने अपनी डेमोक्रेटिक पार्टी के रुख से हटकर विधेयक के पक्ष में मतदान किया। प्रतिनिधि सभा में भारतीय मूल के कुल छह सांसद हैं और ये सभी डेमोक्रेट हैं।
'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट' को प्रतिनिधि सभा ने 159 के मुकाबले 262 मतों से पारित किया। डेमोक्रेटिक पार्टी के 58 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया।
विधेयक में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का भी प्रविधान है, जिसका भारत और चीन पर असर पड़ सकता है। यह विधेयक संसद के ऊपरी सदन सीनेट से पहले ही पारित हो चुका है।
कृष्णमूर्ति ने बुधवार को मतदान में हिस्सा लेने से पहले यूक्रेन समर्थक एक समूह से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, 'यूक्रेन के लोग अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए साहस के साथ लड़ रहे हैं।
अमेरिका को उनके साथ खड़ा होना चाहिए।' इलिनोइस से सांसद कृष्णमूर्ति सीनेट के लिए मार्च में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में हिस्सा लिया था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका प्रतिनिधि सभा में कार्यकाल अगले वर्ष जनवरी में समाप्त होगा।
इन भारतवंशियों ने विधेयक के खिलाफ किया मतदान
भारतीय-अमेरिकी सांसदों रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, एमी बेरा, श्री थानेदार और सुहास सुब्रमण्यम ने अपनी डेमोक्रेटिक पार्टी के रुख के अनुसार विधेयक के खिलाफ मतदान किया। इस विधेयक में अमेरिकी द्वारा रूस से यूरेनियम की कुछ खरीद को प्रतिबंधों के दायरे से छूट दी गई है।
