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H-1B वीजा पर $1 लाख की फीस के प्रस्ताव पर बबाल, अमेरिका के 22 राज्यों के अटॉर्नी जनरलों ने खोला मोर्चा

Published: Sat, 26 Sep 2026 08:03 PM (IST)

ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1बी वीजा पर $1 लाख शुल्क के प्रस्ताव का 22 अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल विरोध कर रहे हैं।

H-1B वीजा पर $1 लाख की फीस के प्रस्ताव पर बबाल।

H-1B वीजा पर $1 लाख की फीस के प्रस्ताव पर बबाल।

HighLights

  1. ट्रंप प्रशासन के एच-1बी वीजा शुल्क प्रस्ताव का विरोध।

  2. 22 अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने मोर्चा खोला।

  3. अवैध बताया, शिक्षकों, डॉक्टरों की कमी बढ़ने की आशंका।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका में एच-1बी वीजा धारकों और भारतीय प्रवासियों के लिए एक बड़ी राहत की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक नीतियों पर तीखा टकराव शुरू हो गया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1बी वीजा याचिकाओं पर एक लाख डॉलर से अधिक का भारी-भरकम शुल्क लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ अमेरिका के 22 राज्यों के अटार्नी जनरल खुलकर सामने आ गए हैं।

उनका तर्क है कि यह कदम गैर-कानूनी है और इससे शिक्षकों, डॉक्टरों और नर्सों की कमी और बढ़ जाएगी। इस कदम को अमेरिकी अर्थव्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। यह मामला उन भारतीय पेशेवरों और अमेरिकी कंपनियों के लिए अहम है जो कुशल कर्मचारियों की भर्ती के लिए एच-1बी प्रोग्राम पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।

विवादास्पद प्रस्ताव को तुरंत वापस लेने की मांग 

राज्यों के इन शीर्ष वकीलों ने अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा विभाग को एक औपचारिक पत्र भेजकर इस विवादास्पद प्रस्ताव को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उनका तर्क है कि कार्यपालिका के पास कांग्रेस की मंजूरी के बिना इस तरह का भारी शुल्क थोपने का कोई अधिकार नहीं है।

आलोचकों का कहना है कि यह नया शुल्क केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर उन अमेरिकी संस्थानों पर पड़ेगा जो शिक्षकों, डॉक्टरों और नर्सों की कमी से जूझ रहे हैं।

यह नियम स्थानीय और राज्य स्तर के संस्थानों के लिए कुशल विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करना लगभग असंभव बना देगा, जिससे सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य और बुनियादी शिक्षा व्यवस्था चरमरा सकती है।

विदेशी प्रतिभाओं के मानवीय और सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जे जोन्स ने प्रशासन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एच-1बी पेशेवर हर सरकारी प्रक्रिया और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर 'अमेरिकन ड्रीम' को जीने आते हैं।

"वे केवल कागजों पर दर्ज कुछ नाम नहीं हैं, बल्कि वे हमारे शिक्षक, डॉक्टर, नर्स और देखभाल करने वाले हैं। वे हमारे पड़ोसी, मित्र और परिवार का हिस्सा हैं।"

जोन्स ने आरोप लगाया कि प्रशासन समुदायों पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों के प्रति पूरी तरह उदासीन है और अपने कार्यकारी अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है। इस 22 राज्यों के गठबंधन में वर्जीनिया के अलावा कैलिफोर्निया, मैसाचुसेट्स, न्यूयॉर्क, इलिनाय, न्यू जर्सी, वाशिंगटन और कोलंबिया जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)