'ईरान पर जमीनी हमले से बचें ट्रंप', पूर्व अमेरिकी पायलट रायन बोडेनहाइमर ने चेताया
पूर्व अमेरिकी एफ-15ई पायलट रायन बोडेनहाइमर ने ईरान पर अमेरिकी जमीनी हमले के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने अफगानिस्तान के ...और पढ़ें

पूर्व अमेरिकी पायलट ने ट्रंप को चेतावनी दी। (वीडियो ग्रैब)
HighLights
पूर्व पायलट ने ईरान पर जमीनी हमले के खिलाफ चेताया।
अफगानिस्तान के अनुभव से सीखा, लंबी लड़ाई का खतरा।
ईरान के पास मिसाइलें, ड्रोन, हवाई श्रेष्ठता को चुनौती।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू पायलट रायन बोडेनहाइमर ने ईरान पर संभावित अमेरिकी जमीनी आक्रमण के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा है कि यह “अच्छी योजना नहीं'' होगी।
एएनआइ को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में 70 लड़ाकू मिशन उड़ाने के अनुभव से स्पष्ट है कि किसी बड़े देश पर कब्जे की पुरानी सैन्य रणनीति लंबे और महंगे संघर्ष में बदल जाती है। उनके अनुसार अमेरिका को ईरान में बड़े पैमाने पर सैनिक भेजने से बचना चाहिए।
बोडेनहाइमर ने हाल में ईरान द्वारा अमेरिकी एफ-15ई को निशाना बनाए जाने की घटना पर कहा कि हवाई बढ़त होने के बावजूद युद्धक्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता। उन्होंने कहा कि ईरान अब भी छिपे ठिकानों से सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन तैनात करने में सक्षम है, जिससे “सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू पायलटों के पास भी कई बार विकल्प नहीं बचते।
उन्होंने बताया कि एफ-15ई मूल एफ-15 का उन्नत संस्करण है, जिसमें एक पायलट और एक हथियार प्रणाली अधिकारी होता है तथा यह वायु से जमीन पर हमले के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
भारत के संदर्भ में बोडेनहाइमर ने आपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल विमानों पर लगे एक्स-गार्ड डिकाय सिस्टम की सराहना करते हुए इसे “जीनियस मूव'' कहा। उनके अनुसार इससे मिसाइलें वास्तविक विमान के बजाय भ्रामक लक्ष्य की ओर आकर्षित होती हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर उन्होंने कहा कि ईरान को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि उसके पास शाहेद ड्रोन, एंटी-शिप मिसाइलें और मानवरहित पानी के भीतर चलने वाले वाहन हैं, जो तेल टैंकरों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
(न्यूज एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
