अमेरिकी ग्रीन कार्ड की फीस कितनी है? USA में बसना अब आसान नहीं, ट्रंप के फैसले ने बढ़ाई बेचैनी
अमेरिका ने ईबी-5 इमिग्रेंट इन्वेस्टर प्रोग्राम के तहत आवेदन शुल्क में भारी बढ़ोतरी की है, जिससे भारतीय उद्यमियों और निवेशकों ...और पढ़ें

ईबी-5 इमिग्रेंट इन्वेस्टर प्रोग्राम शुल्क में भारी वृद्धि

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका में बसने और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने का सपना देख रहे भारतीय उद्यमियों और निवेशकों के लिए एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है। अमेरिका ने लोकप्रिय ईबी-5 इमिग्रेंट इन्वेस्टर प्रोग्राम के तहत आवेदन शुल्क में भारी-भरकम और ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर दी है।
अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा (यूएससीआईएस) द्वारा मंगलवार को अंतिम रूप दिए गए इस नए नियम के तहत कई प्रमुख याचिकाओं की फीस को दोगुने से भी अधिक कर दिया गया है।
यह बदला हुआ शुल्क ढांचा आगामी 30 नवंबर से प्रभावी होगा। इस फैसले से उन अनगिनत भारतीय परिवारों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है जो अमेरिका में भारी पूंजी निवेश के जरिये स्थायी निवास यानी 'ग्रीन कार्ड' हासिल करने की राह देख रहे थे।
अमेरिका में बसना अब नहीं आसान
अमेरिकी कांग्रेस द्वारा साल 1990 में शुरू किए गए इस ईबी-5 कार्यक्रम के तहत विदेशी निवेशकों और उनके जीवनसाथी तथा आश्रित बच्चों को अमेरिका में वाणिज्यिक उद्यम स्थापित कर वहां के स्थानीय नागरिकों के लिए कम से कम 10 पूर्णकालिक नौकरियां सृजित करनी होती हैं।
इसके लिए न्यूनतम निवेश सीमा टारगेटेड एम्प्लायमेंट एरिया या बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में लगभग आठ लाख डालर और अन्य क्षेत्रों के लिए 10.5 लाख डालर तय है। लेकिन अब इस नई बढ़ोतरी ने पहले से ही महंगे पड़े इस सफर को और अधिक खर्चीला बना दिया है।
इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर टिप्पणी करते हुए यूएससीआइएस ने स्पष्ट किया है कि इमिग्रेशन एजेंसी करदाताओं के धन के बजाय पूरी तरह से आवेदकों द्वारा दी जाने वाली फीस पर निर्भर करती है।
एजेंसी के मुताबिक, आवेदनों की गहन समीक्षा, पात्रता सत्यापन, बैकग्राउंड चेक, धोखाधड़ी रोकने और परिचालन के खर्चों को उठाने के लिए यह शुल्क वृद्धि अत्यंत आवश्यक थी।
प्रमुख शुल्कों और आंकड़ों में हुआ यह बड़ा बदलाव
फार्म आई-526 (स्टैंडअलोन निवेशक): फीस 3,675 डालर से बढ़ाकर सीधे 7,615 डालर कर दी गई है।
फार्म आइ-526ई (रीजनल सेंटर के जरिये आवेदन): शुल्क 3,675 डालर से बढ़कर 7,850 डालर हो गया है, जिसमें 75 डालर का तकनीकी शुल्क और इन्वेस्टर इंटीग्रिटी फीस अलग से शामिल है।
फार्म आइ-829 (शर्तें हटाने के लिए आवेदन): फीस 3,750 डालर से बढ़कर 5,000 डालर हो गई है।
रीजनल सेंटर के शुल्क में भारी उछाल: प्रारंभिक फार्म आइ-956 की फीस 17,795 डालर से सीधे 44,115 डालर और फार्म आइ-956एफ की फीस 42,675 डालर कर दी गई है। वहीं, पुराने आवेदनों में संशोधन के लिए नया फार्म आइ-527 लाया गया है, जिसकी लागत 10,330 डालर होगी।
इसके अलावा, इंटीग्रिटी फंड पेमेंट भी छोटे केंद्रों के लिए 10 हजार डालर से बढ़ाकर 11 हजार डालर और बड़े केंद्रों के लिए 20 हजार डालर से बढ़ाकर 22 हजार डालर कर दी गई है, जिसमें देरी पर 10 से 20 प्रतिशत तक जुर्माना वसूला जाएगा।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
