वाशिंगटन, एएनआइ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब और यूएई में अमेरिकी सेना की तैनाती को मंजूरी दे दी है।राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सेना की तैनाती को मंजूरी दे दी है, जिसका काम रक्षात्मक होगा। अमेरिका की यह सेना मुख्य रूप से हवाई और मिसाइल रक्षा पर फोकस करेगी। यूएस डिफेंस सेक्रेटरी मार्क स्कॉट ने इस बात की जानकारी दी। सऊदी अरब और यूएई की ओर से अमेरिकी सेना की मदद की मांग के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने यह फैसला लिया। 

रक्षा सचिव मार्क ओशो ने कहा है कि सऊदी अरब और UAE के अनुरोध पर US, अमेरिकी सेना वहां तैनात करने जा रहा है।

अमेरिका के रक्षा सचिव ने कहा कि हम ईरान के साथ युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन साथ ही अन्य विकल्प भी हैं। अमेरिका की ओर से यह कदम सऊदी खुफिया एजेंसियों के निष्कर्षों के बाद आया है जिसमें बताया गया कि सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में दो तेल प्लांट पर पिछले हफ्ते किया गया हमला ईरान की ओर से किया गया है जबकि इस हमले की जिम्मेदारी यमन के हूथी विद्रोहियों ने ली थी।

अमेरिका, सऊदी अरब ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पिछले हफ्ते सऊदी अरब के दो तेल प्लांट पर हमले की जिम्मेदारी ली थी लेकिन अमेरिका और सऊदी अरब दोनों इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।यह फैसला सऊदी अरब में तेल सुविधाओं पर ड्रोन हमले के बादआया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, अमेरिका और सऊदी अरब के अधिकारियों ने ईरान पर हमले के पीछे होने का आरोप लगाया था, जिसका ईरान ने खंडन किया है।

Posted By: Shashank Pandey

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