F-35 की तकनीक चुरा सकता है चीन, सऊदी अरब के साथ डील के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसी की चेतावनी
अमेरिका की सऊदी अरब को F-35 लड़ाकू विमान बेचने की योजना के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चीन द्वारा इसकी तकनीक चुराने की आशंका जताई है।
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F-35 की तकनीक चुरा सकता है चीन (फाइल फोटो- रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, रियाद। सऊदी अरब को 24 अरब डॉलर में 48 आधुनिक F-35 लड़ाकू विमान बेचने की अमेरिकी योजना के बीच एक बड़ी खुफिया जानकारी सामने आई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों (DIA) ने चेतावनी दी है कि चीन सऊदी अरब में अपनी मजबूत उपस्थिति, रक्षा संबंधों और जासूसी नेटवर्क का फायदा उठाकर स्टील्थ एफ-35 तकनीक को चुराने की कोशिश कर सकता है।
अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने आंतरिक रिपोर्टों में चीन की जासूसी की कोशिशों पर चिंता जताई है। सऊदी अरब को एफ-35 लड़ाकू विमानों की बिक्री से पहले, खुफिया विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि चीन सऊदी अरब में जासूसी करके या उसके साथ अपनी सैन्य और सुरक्षा साझेदारी का इस्तेमाल करके इस तकनीक को चुराने का प्रयास कर सकता है।
अधिकारियों ने यह आशंका भी जताई है कि बीजिंग उन्नत लड़ाकू विमानों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए रियाद के साथ अपने मौजूदा सैन्य और सुरक्षा संबंधों का इस्तेमाल कर सकता है।
चीन के साथ मौजूदा तकनीकी आदान-प्रदान के बीच बढ़ी चिंताएं
न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि पेंटागन की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की एक रिपोर्ट में सऊदी सैन्य ठिकानों तक चीनी पहुंच और सऊदी अरब के टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में चीनी तकनीक की मजबूत मौजूदगी पर चिंता जताई गई थी। ये चिंताएं चीन और सऊदी अरब के बीच मौजूदा तकनीकी आदान-प्रदान और सैन्य सहयोग की पृष्ठभूमि में सामने आई हैं।
ट्रंप ने नवंबर में की थी घोषणा
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने पिछले साल नवंबर में सऊदी अरब के साथ प्रस्तावित एफ-35 सौदे की घोषणा की थी। जून में, अमेरिकी विदेश विभाग ने अनौपचारिक अनुमोदन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में दो कांग्रेस समितियों को 48 एफ-35 विमान और एक अतिरिक्त इंजन वाला एक पैकेज भेजा था।
खुफिया चिंताओं के कारण कई सांसदों और कांग्रेसी सहायकों ने प्रशासन के अधिकारियों से अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा पहचाने गए संभावित जोखिमों के बारे में सवाल किए हैं। अब तक इन खुफिया चिंताओं पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
