टूटी रीढ़ की हड्डी, 50 घंटे तक चट्टानों में छिपकर लड़ा जिंदगी की जंग; ईरान में अमेरिकी एयरमैन के 'इम्पॉसिबल रेस्क्यू' की इनसाइड स्टोरी
ईरान में अमेरिकी F-15E फाइटर जेट मिसाइल हमले में गिरा, जिसके बाद पायलट ब्रावो 50 घंटे तक दुश्मन के इलाके ...और पढ़ें

ईरान में अमेरिकी पायलट का अकल्पनीय रेस्क्यू
HighLights
ईरान में अमेरिकी F-15E फाइटर जेट मिसाइल से गिराया गया।
पायलट ब्रावो 50 घंटे तक दुश्मन इलाके में छिपा रहा।
अमेरिकी सेना ने 155 जेट और CIA के साथ रेस्क्यू किया।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान अप्रैल के पहले हफ्ते में हुई एक सनसनीखेज घटना का सच अब सामने आया है।
ईरान में इस्फहान के पास मिशन पर निकले अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट को कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल से मार गिराया गया था। इस हादसे के बाद पायलट अल्फा को तो अमेरिकी सेना ने 6 घंटों के भीतर सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया था, लेकिन वेपन सिस्टम अफसर ब्रावो 50 घंटे तक दुश्मन के इलाके में मौत से जूझता रहा।
पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ब्रावो ने पहली बार आपबीती का खुलासा किया है।
160 किमी/घंटे की रफ्तार से नीचे गिरा
ब्रावो ने बताया कि वे ईरानी इंडस्ट्रियल ठिकानों और मिसाइल बनाने वाली यूनिट्स को तबाह कर रहे थे, तभी उनका जेट मिसाइल की चपेट में आ गया। मिसाइल टकराते ही फ्रेट ट्रेन की टक्कर जैसा जोरदार झटका लगा। खतरे को भांपते ही दोनों अफसरों ने इजेक्ट किया, लेकिन हमले में ब्रावो का पैराशूट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
ब्रावो लगभग 100 से 160 किमी प्रति घंटे की जानलेवा रफ्तार से सीधे जमीन पर आ गिरे। इस भीषण प्रभाव से उनकी रीढ़ की हड्डी, कंधा और हाथ टूट गए और टखने में भी गंभीर चोटें आईं।
7 हजार फीट ऊंची चट्टानी पहाड़ियों में छिपे
हादसे के बाद इलाके में करीब 1,500 ईरानी सैनिक तलाशी अभियान चला रहे थे। खून बहने और असहनीय दर्द के बावजूद ब्रावो ने तय किया कि वे किसी भी कीमत पर जिंदा पकड़े नहीं जाएंगे। उन्होंने बताया, मेरे दिमाग में बस एक ही बात चल रही थी कि मुझे ईरानी टीवी पर कैदी के रूप में नहीं दिखना है।
इसी खौफ और जीवटता के बल पर वे टूटी हड्डियों के साथ 7,000 फीट ऊंची चट्टानी पहाड़ी पर चढ़े और दो चट्टानों की संकरी दरार में दो दिनों तक छिपे रहे।
150 फाइटर जेट्स और CIA का रेस्क्यू मिशन
इधर ईरान ने अमेरिकी एयरमैन की जानकारी देने पर लगभग 60 लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर दी थी। ईरानी सेना पहाड़ियों से महज 5 किलोमीटर दूर थी। ब्रावो को बचाने के लिए अमेरिकी सेना ने इतिहास का सबसे जोखिम भरा ऑपरेशन शुरू किया।
इस रेस्क्यू मिशन में 155 से फाइटर जेट्स, स्पेशल फोर्स के 90 कमांडो और सीआईए को लगाया गया। दुश्मन को उलझाने के लिए अमेरिका ने करीब 339 मिसाइलें भी दागीं। आखिरकार हादसे के 50 घंटे बाद अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने ब्रावो को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया।
रेस्क्यू के तुरंत बाद उन्हें कुवैत के सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका लंबा इलाज चला। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्र ने बाद में इस पूरे घटनाक्रम को अमेरिकी सैन्य इतिहास का सबसे खतरनाक और जटिल रेस्क्यू अभियान करार दिया था।
