वाशिंगटन, एपी। अमेरिका में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। यहां मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण वैक्सीन की दोनों खुराक लगे लोगों को भी मास्क जरूरी कर दिया गया है। इधर, संघीय स्वास्थ्य नियामकों ने बुधवार को जॉनसन एंड जॉनसन की कोविड-19 वैक्सीन की एक्सपायरी डेट को फिर से बढ़ा दिया है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को टीके की लाखों खुराक का उपयोग करने के लिए छह और सप्ताह का समय मिल गया है। वैक्सीन की एक्सपायरी डेट दवा निर्माताओं की जानकारी पर आधारित होती है कि शॉट्स कितने समय तक ठीक से काम कर सकते हैं।

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने जॉनसन एंड जॉनसन को लिखे एक पत्र में कहा कि ठीक से रखरखाव के बाद टीके कम से कम छह महीने तक सुरक्षित और प्रभावी रहते हैं। यह दूसरी बार है जब एफडीए ने जून के बाद से टीकों की एक्सपायरी डेट बढ़ाया है। एजेंसी ने कहा कि उनका उपयोग साढ़े चार महीने तक किया जा सकता है। पहली बार फरवरी में टीकों को मंजूरी देते समय एफडीए ने कहा था कि टीकों को तीन महीने तक संग्रहीत किया जा सकता है।

कई राज्यों में स्वास्थ्य अधिकारियों ने हाल ही में चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर एक डोज वाले टीके की एक्सपायरी डेट नहीं बढ़ाई गई तो, उन्हें इसकी हजारों खुराक फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। नए आदेश की वजह से अब फार्मेसियों, अस्पतालों और क्लीनिकों में मैजूद शेष शॉट्स का उपयोग करने के लिए अधिक समय मिलेगा।

अमेरिका में सेंटर फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) ने डेल्टा वैरिएंट के कारण मरीजों में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण मास्क लगाने की अनिवार्यता फिर शुरू कर दी गई है। सीडीसी की गाइडलाइन के अनुसार अब इनडोर में वैक्सीन लगे लोगों को भी मास्क लगाना होगा। सीडीसी की गाइड लाइन जारी होने के तुरंत बाद व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि जिन स्थानों पर संक्रमण की गति तेज है, उन स्थानों पर यात्रा के दौरान वह भी मास्क का प्रयोग करेंगे। अमेरिकी जनता से भी उन्होंने मास्क पहनने की अपील की है।

एपी के अनुसार सीडीसी के निदेशक रोशेल वालेंस्की ने कहा है कि वैज्ञानिक विश्लेषण में डेल्टा वैरिएंट से आने वाले मरीजों के अध्ययन चिंताजनक हैं। अमेरिका में वर्तमान में औसतन 57 हजार नए मरीज रोजाना आ रहे हैं। सीडीसी के पूर्व निदेशक टाम फ्रिडेन ने सीएनएन से आशंका जताई कि आने वाले हफ्तों में दो लाख मरीज प्रतिदिन हो सकते हैं।

Edited By: Manish Pandey