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अमेरिका में वर्क परमिट ऑटो-रिन्यूअल खत्म: हजारों भारतीय, H-4 वीजा धारक प्रभावित

Published: Tue, 20 Oct 2026 10:28 PM (IST)

ट्रंप प्रशासन ने वर्क परमिट के स्वत: नवीनीकरण की व्यवस्था समाप्त कर दी है, जिससे अमेरिका में कार्यरत बड़ी संख्या ...और पढ़ें

अमेरिका में वर्क परमिट ऑटो-रिन्यूअल खत्म (सांकेतिक तस्वीर)

अमेरिका में वर्क परमिट ऑटो-रिन्यूअल खत्म (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. वर्क परमिट का स्वत: नवीनीकरण रद्द, भारतीयों पर असर।

  2. एच-4 वीजा धारक, ग्रीन कार्ड आवेदक प्रभावित होंगे।

  3. भारतीय छात्रों के लिए OPT शुल्क $70,000 प्रस्तावित।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका का ट्रंप प्रशासन वीजा कार्यक्रमों पर लगातार सख्ती कर रहा है। इसी कड़ी में उसने अब वर्क परमिट के स्वत: नवीनीकरण की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इससे बड़ी संख्या में भारतीय प्रभावित होंगे।

अमेरिका में काम कर रहे उन भारतीयों की एच-4 वीजा धारक पत्नी या पति और ग्रीन कार्ड आवेदकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है, जो वर्क परमिट के नवीनीकरण का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, 63 अमेरिकी सांसदों ने सरकार से ग्रीन कार्ड के बढ़ते बैकलाग को निपटाने की मांग की है।

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने वर्क परमिट की अवधि को स्वत: बढ़ाने की व्यवस्था को खत्म करने वाला नियम पूरी तरह लागू कर दिया है। 14 अक्टूबर को फेडरल रजिस्टर में अंतिम नियम को प्रकाशित किया गया।

इसमें 30 अक्टूबर, 2025 को डीएचएस की ओर से जारी अंतरिम नियम की पुष्टि करते हुए उसे अंतिम रूप दिया गया है। इसके तहत कुछ श्रेणियों के उन लोगों के रोजगार अनुमति दस्तावेज की वैधता स्वत: बढ़ाने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है, जिन्होंने नवीनीकरण के लिए समय पर आवेदन किया है।

पिछले साल तक नवीनीकरण के कई आवेदक आवेदन लंबित रहने के दौरान 540 दिनों तक काम जारी रख सकते थे। अमेरिका में काम करने वाले एच-1बी वीजा धारकों के परिवारों को एच-4 वीजा जारी किया जाता है। एच-1बी वीजा भारतीय पेशेवरों में काफी लोकप्रिय है।

भारतीय छात्रों को ओपीटी शुल्क के तौर पर देने पड़ेंगे 70 हजार डॉलर

अमेरिका में पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी करने की इच्छा रखने वाले भारतीय छात्रों को आने वाले समय में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप प्रशासन ने ऐसे विदेशी छात्रों के लिए 70 हजार डॉलर (करीब 67 लाख रुपये) का शुल्क प्रस्तावित किया है।

अमेरिकी विश्वविद्यालय आप्शनल प्रैक्टिस ट्रेनिंग प्रोग्राम (ओपीटी) में शामिल होने वाले छात्रों से यह शुल्क वसूल सकते हैं। इस प्रोग्राम के तहत विदेशी छात्रों को अपनी पढ़ाई से जुड़े क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलता है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग का यह प्रस्ताव अभी लागू नहीं किया गया है। इस पर नौ नवंबर तक लोगों से राय मांगी गई है।

वीजा कार्यक्रमों के दुरुपयोग पर वेंस ने चेताया

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वीजा कार्यक्रमों के दुरुपयोग पर अमेरिकी कंपनियों को चेताया है। उन्होंने कहा है कि वे वीजा कार्यक्रमों का इस्तेमाल घरेलू कामगारों की जगह कम वेतन पर विदेशी कामगारों को रखने के लिए न करें। ट्रंप प्रशासन ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। (समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)