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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

US Election Result 2024: अमेरिका में कोई महिला आजतक क्यों नहीं बन पाई राष्ट्रपति? जनता ने दिया जवाब

Published: Thu, 07 Nov 2024 02:03 PM (IST)Updated: Thu, 07 Nov 2024 02:05 PM (IST)

US Election Result 2024 अमेरिका को पहली महिला राष्ट्रपति मिलने का सपना एक बार फिर अधूरा रहा गया। क्या कमला ...और पढ़ें

US Election Result 2024: अमेरिकी चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस को दी मात।(फोटो सोर्स: जागरण)
US Election Result 2024: अमेरिकी चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस को दी मात।(फोटो सोर्स: जागरण)

HighLights

  1. ट्रंप एक ताकतवर व्यक्ति हैं: अमेरिका की जनता
  2. अमेरिका में गर्भवात एक चुनावी मुद्दा बना रहा।

वाशिंगटन, रायटर। US Election Result 2024। अमेरिका की जनता ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)  को अपना नेता बना लिया है। अपने बेबाक अंदाज की वजह से दुनिया में मशहूर ट्रंप ने कमला हैरिस को मात दे दिया। अगर कमला हैरिस चुनाव जीत जाती, तो अमेरिका को पहला महिला राष्ट्रपति मिल जाता।

कमला की हार के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या अमेरिका की राजनीति में Gender यानी लैंगिक समानता या असमानता कितनी मायने रखती है? क्या कमला हैरिस को चुनाव में इसलिए भी हार का सामना करना पड़ा क्योंकि अमेरिका की जनता किसी महिला को राष्ट्रपति नहीं देखना चाहते?

ट्रंप को पसंद करने की यह भी एक वजह...

चुनाव अभियान के दौरान जब कुछ लोगों से कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अंतर को लेकर सवाल पूछे गए तो लोगों ने उम्मीदवारों के बीच लैंगिक असमानता का भी जिक्र किया  रेबेका नाम श्वेत महिला ने कहा था, मैं मानती हूं कि महिला और पुरुष में कोई अंतर नहीं है।

हालांकि, जब बात विदेश नीति की आती है तो यहां ताकत का प्रदर्शन करना पड़ता है। आपको इस मामले में पुरुष की जरूरत होती है। तीसरा विश्व युद्ध करीब आ रहा है, मेरा मानना है कि हम खतरनाक दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में अमेरिका को ट्रंप जैसे व्यक्ति की जरूरत है।

वहीं, 20 वर्षीय एक अश्वेत युवा लड़का से पूछा गया कि दोनों उम्मीदवारों में वो किसे ज्यादा पंसद करते हैं तो उन्होंने भी ट्रंप का नाम लिया। उन्होंने कहा कि एक महिला अमेरिका की नेतृत्व नहीं कर सकती। यह मर्दों का काम है। महिला काफी भावुक होती हैं। हमें युद्ध लड़ना होगा या बात विदेश नीति की आती है तो हमें एक पुरुष नेता की जरूरत होगी।

वहीं, 50 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा कि लड़ाई ताकतवर और कमजोर की है। कमला हैरिस कमजोर हैं। यह उनकी गलती नहीं है। वह एक महिला हैं। ट्रंप मजबूत हैं। ट्रंप के खिलाफ कितने लोगों ने आरोप लगाए, लेकिन ट्रंप ने हर आरोपों का सामना किया, क्योंकि ट्रंप एक पुरुष थे।

गर्भपात से बैन हटाने के लिए अमेरिका में चल रहा संघर्ष

बता दें कि अमेरिका चुनाव अभियान के दौरान अबॉर्शन यानी गर्भपात एक बड़ा मुद्दा था। अमेरिका में कई लोग अबॉर्शन की मांग कर रहे हैं। कई लोग गर्भपात को महिला अधिकार से जोड़ कर देख रहे हैं। कमला हैरिस ने दावा किया था कि उनकी सरकार आएगी तो गर्भपात को कानूनी तौर पर देशभर में मंजूरी दी जाएगी, लेकिन ट्रंप के आने से गर्भपात की मांग करने वालों की चिंता अब बढ़ गई है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बढ़ाई चिंता 

साल 2022 के जून महीने में सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात को मंजूरी देने वाले लगभग पांच दशक पुराने फैसले को पलट दिया था। गर्भपात को नैतिक और धार्मिक रूप से कोर्ट ने गलत करार दिया था। कोर्ट ने एंटी-अबॉर्शन लॉ को अपने अनुसार और कड़ा करने की बात भी कही थी। इसके बाद कई राज्यों में अबॉर्शन क्लीनिकों पर ताला लगा दिया गया। क्लीनिक बंद होने की वजह से कई महिलाएं  मजबूरन घर पर असुरक्षित तरीके से अबॉर्शन करवा चुकी हैं।

दुनिया की सबसे पुरानी लोकतंत्र और खुद को दुनिया को सुपर पावर कहने वाले अमेरिका में आज भी महिला असमानता एक बड़ा मुद्गा बना हुआ है।      

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