'हमारी सड़कों से हट जाइए, मिस्टर सिंह'; सिखों को निशाना बनाने वाले US होमलैंड सिक्योरिटी के पोस्टर पर विवाद
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) द्वारा 'मिस्टर सिंह' नाम का इस्तेमाल करते हुए एक AI-जनरेटेड पोस्टर पोस्ट करने पर विवाद खड़ा हो गया है।

US होमलैंड सिक्योरिटी के पोस्टर पर विवाद। (इस AI द्वारा बने को पोस्टर अमेरिकी DHS ने एक्स पर शेयर किया है)
HighLights
DHS ने AI पोस्टर में 'मिस्टर सिंह' नाम का उपयोग किया।
सिख, हिंदू संगठनों ने इसे भेदभावपूर्ण बताकर कड़ा विरोध किया।
यह पोस्टर प्रवासी वाणिज्यिक ड्राइवरों के खिलाफ अभियान का हिस्सा।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। US डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने एक आम भारतीय सरनेम को अमेरिका की इमिग्रेशन से जुड़ी बहस का मुद्दा बना दिया है।
DHS के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर AI से बना ट्रांसफॉर्मर्स स्टाइल का एक पोस्टर पोस्ट किया गया। इसमें सिर पर कपड़ा बांधे गाड़ी वाले एक सांवले रंग के व्यक्ति के सामने DHS-ब्रांड वाला एक विशाल रोबोट खड़ा है।
हमारी सड़कों से हट जाइए- पोस्टर
पोस्टर पर लिखा है कि अमेरिका अमेरिकियों के लिए है। हमारी सड़कों से हट जाइए, आपको गाड़ी चलानी नहीं आती, मिस्टर सिंह। इस कैंपेन में खुद देश छोड़कर जाने की बात भी कही गई है और ट्रांसफॉर्मर्स किरदारों के जरिए इमिग्रेशन लागू करने की प्रक्रिया को दिखाया गया है।
यह पोस्ट कमर्शियल ड्राइवर के तौर पर काम करने वाले प्रवासियों के खिलाफ ट्रंप प्रशासन के बड़े कैंपेन का हिस्सा है। लेकिन 'मिस्टर सिंह' नाम का इस्तेमाल आमतौर पर सिखों से जुड़ा है और हिंदू भी इस्तेमाल करते हैं। सिखा, हिंदू, पंजाबी-अमेरिकी और प्रवासी संगठनों के बीच नाराजगी का कारण बन गया है।
सिख कोएलिशन ने जताया विरोध
सिख कोएलिशन ने कहा कि यह तस्वीर इस बात का एक और उदाहरण है कि सिखों को उनके पहनावे की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। संगठन ने सिखों के प्रति नफरत के माहौल की ओर भी इशारा किया है। कोएलिशन के विश्लेषण के अनुसार, FBI के आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में सिखों के खिलाफ हेट-क्राइम की 177 घटनाएं सामने आईं।
इस इतिहास की वजह से विवाद और भी गंभीर हो गया है। 11 सितंबर के हमलों के बाद, अक्सर सिखों को मुसलमान समझ लिया जाता था। हमलों के चार दिन बाद एरिजोना में गैस-स्टेशन के मालिक बलबीर सिंह सोढ़ी की एक बंदूकधारी ने हत्या कर दी थी। बंदूकधारी का कहना था कि वह हमलों से जुड़े लोगों को मारना चाहता था।
2012 में, एक श्वेत वर्चस्ववादी बंदूकधारी ने विस्कॉन्सिन के ओक क्रीक में एक गुरुद्वारे पर हमला किया, जिसमें पूजा करने वाले छह लोगों की मौत हो गई।
DHS की कार्रवाई से दूसरे भारतीय समूह भी नाराज
DHS की इस कार्रवाई से दूसरे भारतीय समूह भी नाराज हुए। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि 'सिंह' हिंदू भी होते हैं, सिख भी होते हैं, अमेरिकी भी होते हैं और वे गाड़ी भी चलाते हैं। उसने DHS की पोस्ट को भारतीयों के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताया और सरकार के संदेशों की जांच की मांग की।
