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अमेरिका ने तैनात की घातक JASSM-ER मिसाइलें: ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम, होर्मुज पर क्या फैसला लेगा ईरान?

Published: Sun, 05 Apr 2026 10:24 PM (IST)Updated: Sun, 05 Apr 2026 11:58 PM (IST)

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी संख्या में लंबी दूरी की जेएएसएसएम-ईआर मिसाइलें तैनात करने का फैसला किया है। अमेरिका अपने लगभग 82% जेएएसएसएम-ईआर स्टॉक का उपयोग कर सकता है।

अमेरिका ने तैनात की JASSM-ER मिसाइलें (फोटो-US Air Force)

अमेरिका ने तैनात की JASSM-ER मिसाइलें (फोटो-US Air Force)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जेएनएन अमेरिका-ईरान युद्ध जल्द ही फिर से तेज हो सकता है, क्योंकि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी संख्या में लंबी दूरी की ज्वाइंट एयर-टू-सरफेस मिसाइल-एक्सटेंडेड रेंज (जेएएसएसएम-ईआर) मिसाइलें तैनात करने का फैसला लिया है।

इन मिसाइलों की मारक क्षमता 930 किमी से अधिक है। यह एफ-15ई, एफ-16 जैसे लड़ाकू विमानों और बी-1बी, बी-2 और बी-52एच जैसे बमवर्षक विमानों के साथ कंपिटेबल है। यह 1,000 पाउंड के वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना अपने जेएएसएसएम-ईआर लंबी दूरी की मिसाइलों के भंडार का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल करने जा रही है, जिससे दुनिया भर में अन्य जगहों पर केवल 425 मिसाइलें ही उपलब्ध रहेंगी।

डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार देर रात चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ईरान के पास अब समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए 48 घंटे का समय है।

जेएएसएसएम मिसाइलों का निर्माण

लॉकहीड मार्टिन द्वारा 2001 से किया जा रहा है और पिछले दो दशकों से अमेरिकी सेना को इनकी आपूर्ति की जा रही है। जेएएसएसएम-ईआर एयर-टू-सरफेस अभियानों के लिए लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता प्रदान करती है।

15 लाख डॉलर की लागत वाली यह मिसाइलें काफी लंबी दूरी से लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए डिजाइन की गई है। यह मारक क्षमता या परिचालन सीमा से समझौता किए बिना शत्रु हवाई रक्षा प्रणालियों की पहुंच से बाहर रहने में सक्षम बनाता है।

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