वाशिंगटन, आइएएनएस। उत्तर-पूर्वी सीरिया से हटाए जा रहे अमेरिकी सैनिक पश्चिमी इराक में तैनात किए जाएंगे। अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) से मुकाबले के लिए सैनिकों को इराक भेजा जा रहा है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में सीरिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की घोषणा की थी। इसके तुरंत बाद गत नौ अक्टूबर को पड़ोसी तुर्की ने सीरिया के कुर्द लड़ाकों के नियंत्रण वाले इलाके में हमला बोल दिया था। इसके बाद से अमेरिकी संसद में ट्रंप का जमकर विरोध हो रहा है। विरोधियों का कहना है कि ट्रंप ने कुर्दो को अकेला छोड़ दिया जबकि आइएस के खिलाफ लड़ाई में उन्होंने अमेरिका का साथ दिया था।

आतंकरोधी मिशन

पश्चिम एशिया के दौरे पर जाने से पहले एस्पर ने शनिवार को कहा, सीरिया के बाहर आतंकरोधी मिशन लांच करने को लेकर रक्षा मुख्यालय अभी विचार कर रहा है। इस बात पर भी चर्चा की जा रही है कि आतंकी समूहों पर कार्रवाई के लिए अमेरिकी सैनिकों की छोटी टुकड़ी फिर से सीरिया आ सकती है या नहीं।

IS के खिलाफ अमेरिकी सैनिकों का अभियान

कुर्दो को अकेला छोड़ने के सवाल पर उनका कहना था कि अमेरिकी सरकार को आगे भी उनके साथ काम करने की उम्मीद है। इराक में आतंकरोधी मिशन के स्वरूप पर रक्षा मंत्री ने कहा, सैनिकों की तैनाती के लिए मैंने अपने इराकी समकक्ष से बात की है। सैनिकों को फिलहाल इराक की मदद करने और आइएस के खिलाफ अभियान अंजाम देने को कहा गया है। सैनिकों को हेलीकॉप्टर, विमान और सड़क मार्ग से इराक पहुंचाया जा रहा है। इसमें कुछ हफ्तों का समय लगेगा। सीरिया से सैनिकों की पूर्ण वापसी की घोषणा के बाद भी वहां के अल-तांफ शहर में 150 सैनिकों की टुकड़ी मौजूद रहेगी।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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