अमेरिका ने हीलियम को घोषित किया क्रिटिकल मेटेरियल, वैश्विक आपूर्ति में बढ़ती रुकावटों के बाद फैसला
अमेरिका ने हीलियम को क्रिटिकल मटेरियल घोषित किया है, जो सेमीकंडक्टर निर्माण में महत्वपूर्ण है।

अमेरिका ने हीलियम को राष्ट्रीय सुरक्षा हेतु क्रिटिकल मटेरियल घोषित किया।

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका ने शुक्रवार को हीलियम को क्रिटिकल मटेरियल घोषित किया। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार सेमीकंडक्टर बनाने के लिए हीलियम की अपरिहार्य भूमिका और इसकी वैश्विक आपूर्ति में बढ़ती रुकावटों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। इस फैसले से हीलियम उत्पादकों को अधिक सरकारी वित्तीय सहायता मिल सकेगी और सरकार इसकी आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखेगी।
क्रिटिकल मटेरियल देश की आर्थिक वृद्धि, राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा की तकनीक के लिए आवश्यक होते हैं, लेकिन उनकी आपूर्ति में उच्च जोखिम या अनिश्चितता होती है। हीलियम का उत्पादन मुख्य रूप से प्राकृतिक गैस के प्रसंस्करण के दौरान होता है।
अमेरिका प्राकृतिक गैस और हीलियम, दोनों का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है। कतर और रूस भी हीलियम के प्रमुख उत्पादक हैं। अमेरिका- ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने तथा कतर के बुनियादी ढांचे पर ईरानी हमलों से हीलियम की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
रूस ने भी घरेलू जरूरतों के लिए अप्रैल में हीलियम निर्यात पर प्रतिबंध लगाए थे। हीलियम क्रिटिकल मेटेरियल की सूची में शामिल होने वाला 20वां पदार्थ है। इसका उपयोग सेमीकंडक्टर, क्वांटम और सुपरकंप्यूटर, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान, सुपरकंडक्टिंग चुंबकों में होता है।
(न्यूज एजेंसी AP के इनपुट के साथ)
