वाशिंगटन, एएनआइ। भारत को लंबे इंतजार के पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) मिला है। जनरल बिपिन रावत को देश का पहला सीडीएस चुना गया है। जनरल रावत का आज सेनाध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इसके बाद वह सीडीएस के तौर पर नई जिम्मेदारी संभांलेंगे। अमेरिका और मालदीव ने उन्हें इसके लिए बधाई दी है। 

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति से दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे सैन्य संबंध और अच्छे होंगे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो ने ट्वीट करके यह बात कही। 

मालदीव ने दी बधाई

मालदीव ने भी जनरल बिपिन रावत को बधाई दी है। मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने एक ट्वीट में कहा जनरल बिपिन रावत को भारत के पहले सीडीएस के रूप में नियुक्ति पर हार्दिक बधाई। यह बड़े सम्मान की बात है कि कुछ महीने पहले जनरल रावत से माले में मुलाकात हुई थी। मालदीव्स इंडिया डिफेंस पार्टनरशिप काफी मजबूत है। 

कारगिल युद्ध के बाद सीडीएस की मांग उठी

कारगिल युद्ध के बाद सुरक्षा के चुनौतीपूर्ण स्थितियों से निपटने के लिए इस पद की मांग उठी थी। यह तर्क दिया गया था कि यह पद तीन सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाएगा। जनरल रावत को देश का सर्वोच्च रक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। जनरल रावत तीनों सेनाओं और सरकार के बीच समन्वयक होंगे।

सीडीएस के रूप में मार्च 2022 तक अपनी सेवा देंगे जनरल रावत 

जनरल रावत अपना तीन साल का कार्यकाल आज यानी 31 दिसंबर को सेनाध्यक्ष के रूप में पूरा करेंगे। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार इसके बाद वह सीडीएस के रूप में मार्च 2022 तक अपनी सेवाएं देते रहेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 15 अगस्त को लाल किला के ने लाल किले की प्राचीर से अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में रक्षा कर्मचारियों के प्रमुख के इस पद की घोषणा की थी।

अजीत डोभाल और अजय कुमार ने निभाई बड़ी भूमिका

इस पद के गठन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने रक्षा सचिव अजय कुमार के साथ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। और रक्षा कर्मचारियों के प्रमुख के नए कार्यालय की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को अंतिम रूप दिया।

Posted By: Tanisk

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