वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी स्‍पेश एजेंसी नासा ने वेंटिलेटर की डिजाइन के लिए तीन भारतीय कंपनियों का चयन किया है। कोरोना महामारी के मद्देनजर पूरी दुनिया में वेंटिलेटर की मांग बढ़ी है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए नासा ने वेंटिलेटर निर्माण का कार्य भी शुरू किया है। नासा ने वेंटिलेटर की डिजाइन के लिए तीन भारतीय कंपनियों का चयन किया है। नासा ने इन कंपनियों के चयन पर बधाई दी है। अब तीनों भारतीय कंपनियां विशेष रूप से COVID-19 रोगियों के इलाज के लिए वेंटिलेटर का निर्माण करेंगी। ब्यूरो ऑफ साउथ एंड सेंट्रल एशियन अफेयर्स ने बताया कि नासा ने वेंटिलेटर के लिए दुनिया भर में 21 लाइसेंसों का वितरण किया है। अमेरिका-भारत साझेदारी के महत्व के देखते हुए नासा ने भारत की तीन कंपनियों का भी चयन किया है।

पारंपरिक वेंटिलेटर की तुलना में अधिक सरल और सस्ता 

नासा जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी द्वारा 30 मई के एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए टिप्पणी की है। इसमें कहा गया था कि निर्माताओं को कोरोना महामारी के लिए विशिष्ट वेंटीलेटर निर्माण के लिए चुना गया है। यह पारंपरिक वेंटिलेटर की तुलना में अधिक सरल और सस्ता है। यह कोरोना मरीजों के उपचार में बेहद कारगर है। इसका डिजाइन इस तरह से तरह तैयार किया गया है कि प्रत्‍येक अस्‍पताल इसे आसानी से उपयोग में ला सकते हैं।

हाई-प्रेशर वेंटिलेटर की डिजाइन पारंपिरक वेंटिलेटर से भिन्‍न

29 मई को NASA की एक विज्ञप्ति के हाई-प्रेशर वेंटिलेटर की डिजाइन पारंपिरक वेंटिलेटर से भिन्‍न है। इसको परंपरागत वेंटिलेटर की तुलना में कम उपकरण के साथ तैयार किया गया है। इसके चलते यह कोरोना रोगियों के इलाज में एक किफायती विकल्‍प प्रदान करता है। अपने लचीले डिजाइन के चलते यह अस्‍पतालों में आसानी से एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान पर लाया जा सकता है।     

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