न्यूक्लियर टेस्ट पहचानने के लिए US ने जमीन के नीचे किए धमाके, चीन पर लगाया परमाणु परीक्षण करने का आरोप
अमेरिका ने नेवादा में कम क्षमता वाले परमाणु धमाकों का पता लगाने की क्षमता बढ़ाने के लिए जमीन के नीचे गैर-परमाणु रासायनिक विस्फोटक परीक्षण किया।
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अमेरिका ने किए जमीन के अंदर धमाके। (फाइल फोटो।)
HighLights
अमेरिका ने नेवादा में गैर-परमाणु विस्फोटक परीक्षण किया।
मकसद कम क्षमता वाले परमाणु धमाकों का पता लगाना।
चीन पर गुप्त परमाणु परीक्षण का आरोप लगाया गया।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। एनर्जी डिपार्टमेंट ने बताया कि यूएस नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (NNSA) ने बुधवार को नेवादा नेशनल सिक्योरिटी साइट पर जमीन के नीचे बिना परमाणु वाले केमिकल हाई-एक्सप्लोसिव का एक टेस्ट किया।
इस टेस्ट का मकसद कम क्षमता वाले परमाणु धमाकों का पता लगाने की अमेरिका की क्षमता को बेहतर बनाना था। खासकर उन धमाकों का, जो भूकंपीय निगरानी की असरदार क्षमता को कम कर सकते हैं।
कैसे किया गया ये टेस्ट?
एनर्जी डिपार्टमेंट के अनुसार, यह टेस्ट एरिया 12 की पी टनल में केमिकल हाई-एक्सप्लोसिव और रेडियोट्रेसर का इस्तेमाल करके किया गया था। एक्सपेरिमेंट के दौरान इकट्ठा किए गए डेटा का इस्तेमाल साइंटिफिक मॉडल को वेरिफाई करने और यूएस के न्यूक्लियर धमाके का पता लगाने की कोशिशों में इस्तेमाल होने वाले एल्गोरिदम को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
अमेरिका ने चीन पर लगाया था आरोप
यह परीक्षण चीन की कथित परमाणु गतिविधियों को लेकर अमेरिका की चिंताओं के बीच हुआ है। इससे पहले इस साल वॉशिंगटन ने बीजिंग पर जून 2020 में एक गुप्त परमाणु परीक्षण करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि इस परीक्षण में ऐसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया था जिनसे भूकंपीय संकेत कम हो सकें।
चीन ने इस आरोप को पूरी तरह से बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि यह अमेरिका द्वारा परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने के लिए बहाने गढ़ने की कोशिश है। परमाणु विस्फोटों का पता लगाने और उनकी निगरानी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिका ने हथियारों पर नियंत्रण के लिए एक व्यापक संधि की भी मांग की है।
