वाशिंगटन, एनवाइटी। अमेरिका ने लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को चुनौती देने के लिए अपनी नीति में बड़ा बदलाव किया है। इसका एलान करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने इस विवादित समुद्री क्षेत्र पर चीन के दावे को अवैध करार दिया है।

उन्होंने कहा कि ज्यादातर दक्षिण चीन सागर पर बीजिंग के विस्तारवादी दावे पूरी तरह गैरकानूनी हैं। यह संभवत: पहली बार है, जब वाशिंगटन ने चीन के दावे को गलत करार दिया है। इस सख्त रुख के चलते दोनों देशों में सैन्य तनातनी का खतरा बढ़ गया है।

इधर, इस कदम से भड़के चीन ने अमेरिका पर क्षेत्र की स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर बताने का आरोप लगाया। चीनी दूतावास ने एक बयान में कहा, 'अमेरिकी सरकार चीन और दूसरे क्षेत्रीय देशों के बीच फूट डालने का प्रयास कर रही है।' पोंपियो ने सोमवार को कहा कि प्राकृतिक संपदा से भरपूर तकरीबन पूरे समुद्री क्षेत्र पर नियंत्रण पाने के लिए चीन द्वारा चलाया जा रहा दादागिरी वाला अभियान अवैध है।

चीन को लेकर सख्त बयान 

चीन को लेकर अमेरिका का यह अब तक का सबसे सख्त बयान है। पोंपियो ने अमेरिकी नीति का एलान करते हुए कहा, 'दुनिया बीजिंग को इसकी इजाजत नहीं देगी कि वह दक्षिण चीन सागर को अपना समुद्री साम्राज्य समझे। अमेरिका अपने दक्षिण-पूर्व एशियाई साझीदार देशों के समुद्री संपदा के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ है।' अधिकारियों ने एक दिन पहले ही यह उम्मीद जताई थी कि ट्रंप प्रशासन सोमवार को दक्षिण चीन सागर पर नई नीति का एलान कर सकती है।

संपदा से भरपूर दक्षिण चीन सागर

दक्षिण चीन सागर तेल और गैस समेत प्राकृतिक संपदा से भरपूर है। इस क्षेत्र के देश समुद्र में इनकी खोज के लिए अक्सर ही कंपनियों के साथ समझौता करते हैं। क्षेत्र में इन देशों के लोग मछली भी पकड़ते हैं। हाल के सालों में इसे लेकर क्षेत्रीय देशों के बीच विवाद भी उपजता रहा है।

पहले यह थी अमेरिकी नीति

दक्षिण चीन सागर को लेकर पहले अमेरिका की नीति में इस बात पर जोर दिया गया था कि चीन और दूसरे क्षेत्रीय देश अपने समुद्री विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के जरिये शांतिपूर्वक तरीके से निकाले। क्षेत्र को लेकर अमेरिका का तटस्थ रवैया रहा है।

ये हैं नीति में बदलाव के मायने

नई नीति के एलान का मतलब यह है कि अमेरिका दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में आने वाले इंडोनेशिया, ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपींस और वियतनाम का पक्ष लेगा। ये सभी देश लगभग पूरे समुद्री क्षेत्र पर चीन के दावे का विरोध करते हैं।

पूर्वी चीन सागर के क्षेत्रों पर चीन कर रहा दावा

टोक्यो, रायटर। जापान सरकार ने अपनी सालाना रक्षा समीक्षा में कहा है कि पूर्वी चीन सागर के कई क्षेत्रों पर चीन अपना दावा कर रहा है। इस तरह के उसके दावे कोरोना महामारी के बीच बढ़ते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री शिंजो एबी की ओर से स्वीकृति प्राप्त इस समीक्षा में यह भी कहा गया है कि बीजिंग पूर्वी चीन सागर की यथास्थिति को बदलने का प्रयास कर रहा है। क्षेत्र में दोनों देशों के बीच कई द्वीपों को लेकर पहले ही विवाद है।

Posted By: Vinay Tiwari

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