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फ्लाईदुबई विमान हमले के बाद ट्रंप की ईरान को चेतावनी, मिडिल ईस्ट भेजे 10,000 अमेरिकी सैनिक

Published: Fri, 02 Oct 2026 03:22 PM (IST)Updated: Fri, 02 Oct 2026 03:39 PM (IST)

अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है, जिसमें तीसरा विमानवाहक पोत और 9000 से 10000 अतिरिक्त सैनिक भेजे जा रहे हैं।

मिडिल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी सैन्य तैनाती।

मिडिल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी सैन्य तैनाती।

HighLights

  1. अमेरिका मध्य पूर्व में तीसरा विमानवाहक पोत भेज रहा है।

  2. 9,000-10,000 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक भी क्षेत्र में तैनात होंगे।

  3. ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर कड़ी चेतावनी दी।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने जा रहा है।

अमेरिका क्षेत्र में अपना तीसरा विमानवाहक पोत और लगभग 9000 से 10000 अतिरिक्त सैनिक भेज रहा है। यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट और उसका स्ट्राइक ग्रुप नवंबर के अंत तक मिडिल ईस्ट पहुंच जाएगा।

पहले से तैनात हैं दो अन्य विमानवाहक पोत

बता दें कि इस समय क्षेत्र में दो अन्य विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश और यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन पहले से ही तैनात हैं। इनमें से यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को आमतौर पर प्रशांत महासागर में तैनात किया जाता है, लेकिन लंबी तैनाती के बाद यूएसएस अब्राहम लिंकन को राहत देने के लिए इसे मिडिल ईस्ट भेजा गया है।

इस नई तैनाती से क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की उपस्थिति अभूतपूर्व रूप से बढ़ जाएगी, जिसमें 20000 से अधिक नाविक और मरीन के साथ-साथ सैकड़ों लड़ाकू विमान शामिल होंगे।

ट्रंप ने ठुकराया ईरान का शांति प्रस्ताव

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में ईरान की तरफ से कतरी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को भेजे गए शांति प्रस्ताव को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिरे से खारिज कर दिया है।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे तुरंत होर्मुज को खोलने के लिए एक समझौता करना चाहते हैं क्योंकि वे बहुत बुरी तरह हार रहे हैं।

फ्लाईदुबई घटना पर ईरान से जुड़े होने का संकेत

दूसरी ओर बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने उस घटना का भी जिक्र किया जिसमें हाल ही में फ्लाईदुबई के एक विमान में को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया था।

जब ट्रंप से यह पूछा गया कि क्या इस हमले का संबंध ईरान से है, तो उन्होंने जवाब दिया कि मैं जो सुन रहा हूं, उसके आधार पर मेरा जवाब हां होगा, लेकिन हम अभी इस पर काम कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इसके लिए ईरान पर जवाबी कार्रवाई करेगा, ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, ओह, उन्हें बहुत जोर से मारा जाएगा, चिंता मत करो। हालांकि, अभी तक ईरानी संलिप्तता का कोई आधिकारिक सबूत सामने नहीं आया है।