वाशिंगटन, आइएएनएस।  दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी अरामको के दो प्रतिष्ठानों में शनिवार को हुए ड्रोन धमाकों के लिए अमेरिका ने ईरान को दोषी ठहराया है। ईरान ने अमेरिका के दावे का खंडन किया है।ईरान के विदेश मंत्री के प्रवक्ता ब्बास मौसवी ने कहा कि वाशिंगटन की अधिकतम दबाव रणनीति अधिकतम झूठ की रणनीति में बदल गई है। इस तरह के आरोप और अंधे बयान कूटनीतिक मानकों में अर्थहीन और समझ के बाहर हैं। इस तरह के आरोप भविष्य में अमेरिका की छवि को धूमिल करेंगे।

पोम्पिओ ने क्या कहा
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने इस हमले के लिए ईरान पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर के कहा कि तनाव कम करने की कोशिशों के बीच ईरान ने अब दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर एक अभूतपूर्व हमला किया है। 

ट्रंप ने सऊदी क्राउन प्रिंस से बात की
उन्होंने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यमन से ये हमले हुए। सऊदी पर लगभग 100 हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार हैं। हसन रूहानी जरीफ कूटनीति में शामिल होने का दावा करते हैं।  यमन के हूती विद्रोहियों के इन ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा करने के कुछ घंटों बाद पोम्पियो के ट्वीट करके ये बात कही। व्हाइट हाउस ने शनिवार दोपहर को यह जानकारी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सौद के साथ फोन पर बात की है। इस दौरान दोनों के बीच हमलों और सऊदी अरब की आत्मरक्षा पर चर्चा हुई।

अमेरिकी सरकार स्थिति की निगरानी कर रही
व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार अमेरिकी सरकार स्थिति की निगरानी कर रही है। सउदी के गृह मंत्री ने शनिवार को घोषणा की कि ड्रोन हमलों से सऊदी पेट्रोलियम कंपनी अरामको की दो तेल प्रतिष्ठानों में आग लग गई। इन हमलों में अबकीक और खुरई क्षेत्र के साइटस को निशाना बनाया गया। 

कच्चे तेल के उत्पादन होगा प्रभावित
अमारको ने बताया है कि इन दो ड्रोन हमलों ने प्रति दिन 5.7 मिलियन बैरल कच्चे तेल के उत्पादन को प्रभावित होगा। कंपनी ने पुष्टि की है कि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है।उत्पादन को बहाल करने के लिए काम चल रहा है और लगभग 48 घंटों में इस लेकर फिर नया अपडेट दिया जाएगा। हमले की अमेरिका और ब्रिटेन ने निंदा की है।

जांच के आदेश 
यमन में युद्ध में शामिल सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सऊदी अरब के पूर्व में तेल सुविधाओं के खिलाफ ड्रोन हमलों की जांच करने का आदेश दिया है। सऊदी के गृह मंत्री ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।सऊदी अरब को पिछले कुछ वर्षों में हूती विद्रोहियों द्वारा ड्रोन और मिसाइल हमलों के साथ निशाना बनाया जाता रहा है।

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Posted By: Tanisk

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