वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका ने चीन की 28 इकाइयों को काली सूची में डाल दिया है। अमेरिका ने यह कदम ऐसे वक्त में उठाया है, जब चीन के साथ ट्रेड वार पर उसकी द्विपक्षीय वार्ता 10 अक्टूबर से प्रस्तावित है। इसमें अमेरिकी दल का प्रतिनिधित्व ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव रॉबर्ट लाइटहाइजर और वित्त मंत्री स्वीवन न्यूचिन करेंगे। वार्ता में चीन के दल की कमान वाइस प्रीमियर ल्यू ही के हाथों में होगी। चीन और अमेरिका पिछले 10 महीनों से कारोबारी समझौते पर वार्ता कर रहे हैं।

शिनजियांग प्रांत में स्थित इकाइयों पर मानवाधिकार समेत कई अन्य नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। काली सूची में शामिल की गई ये इकाइयां अब किसी भी अमेरिकी कंपनी के साथ कोई कारोबार नहीं कर पाएंगी। इन इकाइयों में व्यक्ति या कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों के दमन के मसले पर अमेरिका चीनी अधिकारियों का वीजा भी रोकने जा रहा है।

अमेरिकी कंपनियां अब कोई खरीद-फरोख्त नहीं करेंगी

अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि शिनजियांग में स्थित इन इकाइयों पर उइगर स्वायत्तशासी क्षेत्र के अंदर उइगरों और अन्य प्रमुख मुस्लिम अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार हनन का आरोप है। ये कंपनियां चीन सरकार द्वारा उइगर मुसलमानों के मानवाधिकार हनन के अभियान में सहयोग करती हैं। इन इकाइयों के साथ अमेरिकी कंपनियां अब कोई खरीद-फरोख्त नहीं करेंगी।

अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस ने कहा कि अमेरिकी सरकार और वाणिज्य मंत्रालय चीन के अंदर एथनिक मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के बर्बर दमन को अब और बर्दाश्त करने के पक्ष में नहीं हैं। सरकार नहीं चाहती कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मुक्त व्यापार वाले हमारे वातावरण में विकसित तकनीक का उपयोग चीन में निहत्थी अल्पसंख्यक जनसंख्या के दमन में किया जाए।

दमनकारी गतिविधियां

अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि शिनजियांग उइगर स्वायत्तशासी क्षेत्र में स्थित ये इकाइयां इस क्षेत्र के अलावा चीन के अन्य हिस्सों में भी चीन की दमनकारी नीतियों में साथ देती हैं। इनमें चीन द्वारा सामूहिक ऐच्छिक हिरासत, उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकों के माध्यम से निगरानी और अन्य दमनकारी गतिविधियां शामिल हैं।

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक इकाइयों में ऐसे व्यक्तियों या कंपनियों को शामिल किया गया है जिन पर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेश नीति हितों को खतरा पहुंचाने या खतरे की हद तक शामिल रहने का आरोप है।

ट्रेड वार पर द्विपक्षीय वार्ता 10 अक्टूबर से प्रस्तावित

गौरतलब है कि अमेरिका ने यह कदम ऐसे वक्त में उठाया है, जब चीन के साथ ट्रेड वार पर उसकी द्विपक्षीय वार्ता 10 अक्टूबर से प्रस्तावित है। इसमें अमेरिकी दल का प्रतिनिधित्व ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव रॉबर्ट लाइटहाइजर और वित्त मंत्री स्वीवन न्यूचिन करेंगे। वार्ता में चीन के दल की कमान वाइस प्रीमियर ल्यू ही के हाथों में होगी। चीन और अमेरिका पिछले 10 महीनों से कारोबारी समझौते पर वार्ता कर रहे हैं।

चीन के साथ जल्द ठोस समझौता हो जाने की उम्मीद

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दिनों फिर विश्वास के साथ कहा है कि चीन के साथ जल्द ठोस समझौता हो जाने की उम्मीद है। हालांकि वे यह भी कहते रहे हैं कि चीन उनके कार्यकाल में यह सौदा होने देने के मूड में नहीं दिख रहा है।

Posted By: Bhupendra Singh

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