वाशिंगटन, आइएएनएस। चीन-अमेरिका ट्रेड वार को लेकर समझौते की ओर बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। दूसरे दौर की वार्ता में दोनों देशों के बीच प्राथमिक समझौते पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के प्रमुख वार्ताकार लियू ही की मौजूदगी में इस आशय की जानकारी दी।

वास्तविक रूप देने में समय लगेगा

ट्रंप ने कहा कि इस समझौते को कागजों पर वास्तविक रूप देने में तीन से पांच सप्ताह का समय लगेगा। प्राथमिक समझौते के तहत अमेरिका 250 अरब डॉलर की चीनी वस्तुओं पर आयात शुल्क 25 से बढ़ाकर 30 परसेंट करने की दिशा में अभी कदम नहीं बढ़ाएगा। शुल्क दरों में यह वृद्धि पहली अक्टूबर से लागू करने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में ट्रेड-वार्ता को देखते हुए इसे 15 अक्टूबर तक टाल दिया गया था।

चीन ने अमेरिका से 50 अरब डॉलर के कृषि उत्पादों की खरीद को दी मंजूरी

अमेरिका की ओर से बढ़ी दरें लागू नहीं करने के फैसले के बदले में चीन ने भी 50 अरब डॉलर के कृषि उत्पादों की अमेरिका से खरीद को मंजूरी दे दी है।

दोनों देशों में आपसी व्यापारिक हितों को लेकर रचनात्मक वार्ता हुई

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक दोनों देशों में आपसी व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर बहुत उपयोगी और रचनात्मक बातचीत हुई। दूसरे दौर की वार्ता में दोनों देशों ने कृषि, वित्तीय सेवाओं, व्यापारिक सहयोग में विस्तार, टेक्नोलॉजी का आदान-प्रदान और विवाद निस्तारण जैसे मुद्दों पर सार्थक बातचीत की। इस दौरान वार्ताकारों के बीच भविष्य में होने वाली वार्ता की व्यवस्था को लेकर बात हुई और समझौते पर पहुंचने के लिए मिलकर प्रयास करने को लेकर सहमति बनी। दोनों देशों के बीच हुए प्रारंभिक समझौते की विस्तृत जानकारी नहीं मिली है, लेकिन माना जा रहा है कि अब भी अमेरिका स्मार्टफोन व अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के 160 अरब डॉलर के चीनी आयात पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर आगे बढ़ने की योजना बना रहा है।

ट्रंप-चिनफिंग की हो सकती है एपेक की बैठक में मुलाकात

पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने अगले महीने होने वाली एपेक की बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की बात भी कही। इस दौरान प्रमुख चीनी वार्ताकार लियू ही ने भी व्यापार वार्ता की प्रगति पर खुशी जताई।

अर्थजगत ने किया समझौते का स्वागत

ग्लोबल कंपनियों ने चीन-अमेरिका के बीच बनी व्यापार सहमति का स्वागत किया है और इस मामले में आगे प्रगति की उम्मीद जताई है। हालांकि अर्थशास्त्रियों ने इसे बहुत मामूली प्रगति बताया है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि किसी नतीजे पर पहुंचने में अभी सालभर का वक्त लग सकता है। औद्योगिक समूह यूएस-चाइना बिजनेस काउंसिल के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट जेक पार्कर ने कहा, 'कम से कम अगले दो महीने बढ़ी शुल्क दरों पर विराम लगाकर बातचीत का माहौल बन सकता है।'

उपभोक्ताओं का भरोसा बहाल करना जरूरी है

चीन के अर्थशास्त्री यू चनाई ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह जीत है, लेकिन इससे स्थिति सुधरेगी। दोनों पक्ष फिलहाल कारोबार को सुचारू करते हुए उपभोक्ताओं का भरोसा बहाल करना चाहते हैं।'

Posted By: Bhupendra Singh

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप