7 लोकेशन, 176 एयरक्राफ्ट और 45 घंटे का रेस्क्यू... ईरान में अमेरिका का फिल्मी स्टाइल वाला 'एयर अर्माडा' मिशन?
अमेरिका ने ईरान में अपने दो एयरमैन को 45 घंटे के विशाल रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाया। इस "एयर आर्माडा" मिशन में 176 विमान और सैकड़ों सैनिक शामिल थे।
HighLights
अमेरिका ने ईरान में दो एयरमैन को बचाया।
45 घंटे के रेस्क्यू में 176 विमानों का उपयोग।
F-15E स्ट्राइक ईगल विमान ईरान ने गिराया था।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका ने पिछले एक हफ्ते में वह सब कुछ कर दिया, जो एक हॉलीवुड सिनेमा में देखने को मिलता है। ईरान में हवाई हमला करने से लेकर अपने 2 एयरमैन को बचाने तक। किसी दुश्मन की जमीन पर 45 घंटे तक इतना बड़ा रेस्कयू अभियान चलाना और सफलतापूर्वक अपने लोगों को बाहर निकालना किसी फिल्म की पट कथा से कम नहीं है। खैर, कहानी जो भी हो अंत में अमेरिका के दोनों एयरमैन अपने घर पहुंच ही गए।
अब जब सब कुछ अच्छे से हो गया है, तो व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के एयर फोर्स जनरल डैन केन ने पत्रकारों को संबोधित किया। इस दौरान अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ भी मौजूद रहें। उन्होंने कहा कि यह मिशन "बिना पलक झपकाए" (लगातार) चलता रहा।
176 विमानों के एयर आर्माडा बेड़े का इस्तेमाल
अमेरिकी सेना ने इस वीकेंड पर सैकड़ों खास सैनिकों और 176 विमानों के 'एयर आर्माडा' (विशाल बेड़े) का इस्तेमाल करके एयर फोर्स के F-15E स्ट्राइक ईगल के दो क्रू सदस्यों को बचाया। यह विमान ईरान के अंदरूनी इलाके में गिरा दिया गया था। डोनल्ड ट्रंप प्रशासन के अनुसार, यह बेहद जोखिम भरा मिशन लगभग दो दिनों तक चला और सात अलग-अलग जगहों तक फैला हुआ था।

हेगसेथ ने एक सुरक्षित जगह पर हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, "45 घंटे और 56 मिनट तक, हमने तालमेल बिठाने के लिए वह कॉल चालू रखी। हमारा मिशन बिना किसी रुकावट के चलता रहा।" विशाल "एयर आर्माडा" के बारे में बात करते हुए, जनरल केन ने कहा कि इस बेड़े ने दो "बेहद खतरनाक" बचाव अभियानों को अंजाम देने में मदद की, और पायलट के साथ वेपन सिस्टम्स ऑफिसर (WSO) को सुरक्षित घर वापस ले आए।
7 जगहों पर एक साथ चला अभियान
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बताया कि एयरमैन का बचाव करना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण था और इसके लिए 155 विमानों की जरूरत पड़ी। उन्होंने कहा, "इनमें से ज्यादातर विमानों का मकसद ईरानी सेनाओं को भ्रमित करना और गुमराह करना था, जो उनकी तलाश में थी। यह मिशन सात अलग-अलग जगहों पर फैला हुआ था, जिनमें से सिर्फ एक ही असली जगह थी।
ट्रंप ने माना ईरान ने गिराया था विमान
ट्रंप के अनुसार, F-15E स्ट्राइक ईगल पहला ऐसा मानव-चालित अमेरिकी विमान था। जिसे 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने मार गिराया। ट्रंप ने दावा किया कि यह "दुश्मन" का "एक किस्मत वाला निशाना" था।
"आखिरकार, किस्मत कभी-कभी साथ दे ही देती है। लेकिन हमारी किस्मत भी साथ देती है।"
अमेरिकी सेना ने पहले भी यह स्वीकार किया है कि कुवैत के F/A-18 हॉर्नेट से जुड़ी एक 'फ्रेंडली फायर' (गलती से अपने ही सैनिकों पर हमला) की घटना में उन्होंने कम से कम तीन स्ट्राइक ईगल विमान खो दिए थे। अमेरिकी सेना ने सऊदी अरब के एक बेस पर हुए ईरानी हमले में एक दर्जन से ज्यादा MQ-9 रीपर और एक E-3 सेंट्री विमान भी खो दिए, और इराक के ऊपर हुई एक दुर्घटना में एक KC-135 स्ट्रैटोटैंकर भी गंवा दिया।
