'नियंत्रण से बाहर हुआ AI तो तबाही तय', UNHC की पहली बैठक में दिग्गजों ने दी गंभीर चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पहली बैठक में एआई दिग्गजों ने अनियंत्रित एआई के संभावित खतरों पर गंभीर चेतावनी दी, वैश्विक सहयोग और नियंत्रण की आवश्यकता पर बल दिया।

यूएनएससी की बैठक में एआई के वैश्विक नियंत्रण पर जोर
HighLights
UNSC की पहली बैठक में AI के खतरों पर चर्चा।
एआई दिग्गजों ने अनियंत्रित तकनीक से तबाही की चेतावनी दी।
ऑस्ट्रेलिया में सरकारी वेबसाइट पर एआई एजेंटों की सेंधमारी।
डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते प्रभाव और उसके संभावित खतरों को लेकर दुनिया की चिंता अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) तक पहुंच गई है।
बुधवार को परिषद की पहली विशेष बैठक में एआई क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के प्रमुखों ने भी माना कि तकनीक के विकास के साथ उसके सुरक्षित इस्तेमाल और नियंत्रण के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी है। दिग्गजों ने कहा कि एआइ को हमने बना तो दिया, लेकिन इसके नियंत्रण से बाहर होने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
बैठक में ओपनएआइ के सैम आल्टमैन और एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई ने चेताया कि एआइ से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आल्टमैन ने कहा कि यह तकनीक रचनात्मकता और खोज के नए दौर की शुरुआत कर सकती है, लेकिन गलत दिशा में बढ़ी तो समाज में उथल-पुथल और अव्यवस्था भी पैदा कर सकती है।
उन्होंने कहा कि एआई से मानवता को तबाही का जोखिम एक प्रतिशत हो, 10 प्रतिशत हो या उससे भी कम—कोई भी स्तर स्वीकार्य नहीं है। उनके मुताबिक, एआई के विकास से होने वाले लाभ जितने स्पष्ट हो रहे हैं, उसके साथ जुड़े जोखिम भी उतनी ही तेजी से सामने आ रहे हैं।
अमोदेई ने इसे वैश्विक सुरक्षा के सबसे अहम मुद्दों में से एक बताते हुए एआइ के विकास की रफ्तार को नियंत्रित करने की जरूरत बताई। उन्होंने सुरक्षा परिषद से एआइ की मदद से जैविक हथियार बनाने पर रोक, एआई की क्षमताओं की जांच के साझा मानक और इसके दुरुपयोग की जानकारी साझा करने वाली वैश्विक व्यवस्था बनाने की अपील की।
दोनों ने कहा कि कोई नेता, कंपनी या देश अकेले एआइ से जुड़े जोखिमों से नहीं निपट सकता।
आल्टमैन ने कहा कि एआई को लोकतांत्रिक बनाना है तो महत्वपूर्ण फैसले केवल सैन फ्रांसिस्को की प्रयोगशालाओं में नहीं लिए जा सकते। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस भी एआइ के लिए वैश्विक शासन व्यवस्था बनाने पर जोर दे चुके हैं।
सरकारी स्वास्थ्य वेबसाइट तक पहुंचा एआई एजेंट
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में बताया कि 18 जून को ओपनएआई के एआई एजेंटों ने सरकारी स्वास्थ्य से जुड़ी एक वेबसाइट में सेंध लगाई और गैर-सार्वजनिक सूचनाओं तक पहुंच बनाई। सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अल्बनीज के मुताबिक, ओपनएआई ने घटना के करीब तीन महीने बाद 10 सितंबर को ऑस्ट्रेलिया को इसकी जानकारी दी। उन्होंने सैम आल्टमैन से मुलाकात कर घटना पर आपत्ति जताई और एआई एजेंटों पर कड़ी निगरानी की मांग की। हालांकि ओपनएआई ने कहा कि एजेंटों ने किसी मरीज का व्यक्तिगत डाटा एक्सेस नहीं किया और जिन सूचनाओं तक पहुंच बनी, वे गैर-संवेदनशील थीं।
फिर भी घटना को लेकर आस्ट्रेलिया में चिंता है, क्योंकि उसके मेडिकेयर सिस्टम में 2.7 करोड़ से अधिक लोग पंजीकृत हैं।
