संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भारत समेत दक्षिण एशिया में पैर जमाने की कोशिश कर रहे संगठन आइएसआइएस खुरासान पर प्रतिबंध लगा दिया है। 2015 में पाकिस्तानी नागरिक और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के एक पूर्व कमांडर ने इस आतंकी संगठन का गठन किया था। अल-कायदा से संबंध रखने और अफगानिस्तान और पाकिस्तान में कई हमले कराने के लिए इस पर पाबंदी लगाई गई है।

इन हमलों में 150 से अधिक लोगों की जान गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति ने मंगलवार को इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लिवांट-खुरासान (आइएसआइएल-के) के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया। इस संगठन को आइएसआइएस की दक्षिण एशियाई शाखा, आइएसआइएल खुरासान, इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत और साउथ एशिया चैप्टर ऑफ आइएसआइएल जैसे नामों से भी जाना जाता है।

अभी एक मई को ही सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया था। भारत और अमेरिका व ब्रिटेन जैसे उसके सहयोगी देश लंबे समय से मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की मांग कर रहे थे। मसूद ने 2001 में संसद और इसी साल 14 फरवरी को पुलवामा समेत भारत में कई आतंकी हमले कराए थे। पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। प्रतिबंध के बाद संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों में गुट की संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी। उसके सदस्यों के आने-जाने पर पाबंदी के साथ ही उसे किसी भी तरह से हथियारों की सप्लाई पर भी रोक लग जाएगी।

सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के मुताबिक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के एक पूर्व कमांडर ने 10 जनवरी, 2015 को आइएसआइएस-के का गठन किया। उसके बाद अल कायदा समेत दूसरे संगठनों के बचे-खुचे आतंकी सरगना भी इसमें शामिल हो गए थे। इन सभी ने आइएस सरगना अबु बक्र अल बगदादी के प्रति अपनी निष्ठा जताई थी।

रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर वाशिंगटन स्थित अग्रणी थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआइएस) के मुताबिक साल 2014 में पाकिस्तानी नागरिक हाफिज सईद खान को आइएसआइएल-के का पहला अमीर या मुखिया नियुक्त किया गया था। उस पर खुरासान प्रांत में आतंकी गतिविधियों को विस्तार देने की जिम्मेदारी दी गई थी। खान टीटीपी का शीर्ष कमांडर था।

बगदादी ने भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, रूस समेत दक्षिण एशिया के कई देशों को मिलाकर खुरासान प्रांत बनाने की घोषणा की थी। आइएसआइएस-के ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान में कई हमले किए, जिसमें 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इनमें पाकिस्तान के क्वेटा में सूफी दरगाह पर हुआ हमला भी शामिल है, जिसमें 50 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा घायल हुए थे।

कश्मीर को प्रांत बनाने की घोषणा की थी
आइएस ने हाल ही में कश्मीर को अपना नया प्रांत बनाने की घोषणा की थी। उसने आतंकी इशाक अहमद सोफी की तस्वीर को जारी कर दावा किया था कि वह उनके साथ जुड़ा था, जिसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर स्थित शोपियां में शुक्रवार को मार गिराया था।

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Posted By: Arun Kumar Singh

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