वॉशिंगटन, पीटीआइ। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपनी संशोधित चयन प्रक्रिया के तहत कार्य वीजा  H-1B आवेदन शुल्क में 10 USD (यानी 712 रुपये) की वृद्धि की है। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने गुरुवार को कहा कि यह गैर-वापसी योग्य शुल्क एच -1 बी कैप चयन प्रक्रिया को याचिकाकर्ताओं और संघीय एजेंसी दोनों के लिए अधिक कुशल बनाने के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण प्रणाली का समर्थन करेगा।

यूएससीआईएस के कार्यवाहक निदेशक केन क्यूकेनेली ने कहा कि यह प्रयास एक अधिक कुशल और प्रभावी एच -1 बी कैप चयन प्रक्रिया को लागू करने में मदद करेगा। इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण प्रणाली धोखाधड़ी को रोकने, प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और कार्यक्रम की अखंडता को मजबूत करते हुए हमारे आव्रजन प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए एक एजेंसी-व्यापी पहल का हिस्सा है।

अभी कितना है शुल्क

जानकारी के लिए बता दें कि एच1 बी वीजा के लिए अभी तक आवेदन शुल्क 460 डॉलर (करीब 32 हजार रुपए) है। 

जानें क्या है इलेक्ट्रानिक रजिस्ट्रेशन सिस्टम 

यूएससीआइएस के अनुसार, इलेक्ट्रानिक रजिस्ट्रेशन सिस्टम के जरिए अमेरिका आव्रजन प्रणाली को आधुनिक बना रहा है। अभी तक मैनुअल रजिस्ट्रेशन के तहत ही एच 1 बी वीजा आवेदनकर्ताओं की जांच की कुछ आवशयक जांच की जाती है। आगे बढ़ने से पहले आपको बता दें कि शिक्षा और स्किल्स के आधार पर ही आवेदनकर्ताओं को एच-1 बी वीजा दिया जाता है। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ऐसा करने से सलेक्शन में जो कमी छूट जाती है उसे ठीक किया जा सकेगा।

किन लोगों को दिया जाता है एच 1 बी वीजा

अमेरिका हर साल होई स्किल्स विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकी की कंपनियों में काम करने के लिए एच1 बी वीजा देता है। दरअसल, तकनीक के क्षेत्र में कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से लाखों कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए इसपर ही निर्भर है। गौरतलब है कि अमेरिका ने सबसे ज्यादा भारतीयों के एच1 बी वीजा के आवेदन को रद किया है।

Posted By: Ayushi Tyagi

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