कीव, रायटर। डोनबास के प्रमुख शहर सीविरोडोनेस्क और हिरस्के पर रूसी सेना का कब्जा हो गया है। युद्ध के चार महीने पूरे होने पर इसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रूसी सेना का उपहार माना जा रहा है। यूक्रेन ने संकेत दिया है कि वह अपने सैनिकों को खतरे में नहीं डालेगा और उन्हें सीविरोडोनेस्क से निकाल लेगा। हफ्तों से चल रही लड़ाई में ये बचे-खुचे सैनिक घिरते जा रहे हैं और उनकी जान खतरे में है।

युद्ध के चार महीने

  • पूर्वी यूक्रेन का हिरस्के भी आया रूसियों के हाथ
  • लुहांस्क प्रांत के नियंत्रण की बागडोर रूसियों को मिली
  • यूक्रेन ने सैनिकों से ठिकाने छोड़ने के लिए कहा

सीविरोडोनेस्क में तैनात सैनिकों को नए स्थानों पर तैनाती

लुहांस्क प्रांत के गवर्नर सेरही गैदाई ने कहा है कि सीविरोडोनेस्क में तैनात सैनिकों को नए स्थानों पर तैनाती के आदेश दिए जा चुके हैं, जल्द ही वे शहर छोड़ देंगे। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि सैनिकों को कहां भेजा जा रहा है। यूक्रेनी टेलीविजन पर गैदाई ने कहा, सीविरोडोनेस्क में पिछले कई महीने से यूक्रेनी सैनिक मुकाबला कर रहे हैं। अब उन्हें वहां रहने की जरूरत नहीं है। वहां से सेना वापस बुलाई जा रही है।

मारीपोल और खेरसान पर पहले ही कब्‍जा कर चुका है रूस

विदित हो कि सीविरोडोनेस्क वह शहर है जहां पर कब्जा होने का मतलब लुहांस्क प्रांत पर नियंत्रण माना जाता है। रूसी सेना को राजधानी कीव से हटाकर पूर्वी यूक्रेन भेजने का मकसद डोनबास (लुहांस्क और डोनेस्क प्रांत) पर कब्जा करना था। डोनबास के एक हिस्से पर रूस समर्थित विद्रोहियों का 2014 से कब्जा है। डोनबास के नजदीकी शहर मारीपोल और खेरसान पर भी रूसी सेना कब्जा कर चुकी है।

रूस के हमले जारी 

यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि रूसी सेना पूर्वी यूक्रेन में टैंक, तोप, मोर्टार और लड़ाकू विमानों से हमले कर रही है। यूक्रेनी सैनिक छोटे हथियारों से बेहतर तरीके से मुकाबला कर रहे हैं। लिसिचांस्क में भी मुकाबला जारी है।

युद्धविराम बातचीत से ही संभव

इस बीच यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्री कुलेबा ने कहा है कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम बातचीत से ही संभव है। युद्ध के मैदान में यूक्रेन की जीत रूस को वार्ता की टेबल पर लाने में मदद करेगी। तब दोनों देशों के राष्ट्रपति बैठकर वार्ता करेंगे और शांति स्थापित हो जाएगी। युद्ध में जीत सुनिश्चित करने के लिए ही यूक्रेन सहयोगी पश्चिमी देशों से हथियार मांग रहा है।

लिसिचांस्क पर तीन तरफ से हमला

यूक्रेन ने मान लिया है कि पूर्वी यूक्रेन में हिरस्के इलाका रूसी सेना के कब्जे में चला गया है लेकिन लिसिचांस्क में लड़ाई जारी है। नजदीक का जोलोटे का भी आधा हिस्सा रूसियों के पास चला गया है, जबकि लिसिचांस्क पर तीन तरफ से हमला हो रहा है। रूसी सेना के अनुसार उसने इलाके में करीब दो हजार यूक्रेनी सैनिकों और 80 विदेशी लड़ाकों को घेर लिया है, उनसे हथियार डालने के लिए कहा गया है। 

Edited By: Krishna Bihari Singh