कीव, एजेंसी। यूक्रेन के जपोरीजिया परमाणु संयंत्र पर पिछले हफ्ते दो बार हुई गोलाबारी ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। यूक्रेन ने कहा है कि रूस की हरकतों से कभी भी चेर्नोबिल जैसा हादसा हो सकता है। इसलिए जपोरीजिया परमाणु संयंत्र क्षेत्र से रूसी सेना हटे और उसे सैन्य मुक्त क्षेत्र घोषित कर वहां शांतिरक्षकों की तैनाती की जाए। विदित हो कि जपोरीजिया में यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है जिस पर रूसी सेना ने मार्च में कब्जा कर लिया था लेकिन उसमें यूक्रेन के कर्मचारी ही कार्यरत हैं।

संयंत्र में लग गई थी आग 

यूक्रेन के इस परमाणु संयंत्र पर शुक्रवार और शनिवार को राकेट हमले हुए थे। इन हमलों में संयंत्र में आग लगी लेकिन उस पर जल्द ही काबू पा लिया गया। रूस और यूक्रेन की सेनाओं ने एक-दूसरे पर इन हमलों के आरोप लगाए हैं। रूस ने कहा है कि परमाणु संयंत्र और उसके कब्जे वाले अन्य इलाकों पर यूक्रेन की सेना लगाता गोलाबारी कर रही है।

परमाणु संयंत्र के दौरे की आवश्यकता जताई

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) के निरीक्षकों के परमाणु संयंत्र के दौरे की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा, परमाणु संयंत्र पर कोई भी हमला आत्मघाती साबित हो सकता है। गुटेरस सोमवार को जापान में थे, जहां पर वह परमाणु हमले का शिकार हुए हिरोशिमा में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। आइएईए में रूस के दूत ने कहा है कि उनका देश जपोरीजिया संयंत्र के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से निरीक्षण के लिए तैयार है।

संयंत्र की हाई वोल्टेज पावर लाइनों को पहुंचा नुकसान

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यूक्रेनी सेना के हमलों से इस सोवियत कालीन संयंत्र की हाई वोल्टेज पावर लाइनों को नुकसान हुआ है। क्रेमलिन ने संयंत्र पर हमले को बेहद खतरनाक करार दिया है। जबकि यूक्रेन ने रूसी सेना के हमले में तीन रेडिएशन सेंसरों के नष्ट होने और दो कर्मचारियों के घायल होने की बात कही है।

यूक्रेन से खाद्यान्न लेकर 12 जहाज हुए रवाना

रूस, यूक्रेन और तुर्किये (तुर्की का नया नाम) के बीच हुए समझौते के परिणामस्वरूप सोमवार को खाद्यान्न से भरे दो और जहाज यूक्रेन से रवाना हुए। इनमें कुल 59 हजार टन खाद्यान्न लदा हुआ है। इस प्रकार से एक सप्ताह में यूक्रेन से खाद्यान्न लदे 12 जहाज काला सागर के रास्ते निकल चुके हैं। 

Edited By: Krishna Bihari Singh