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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका के सर्वोच्च विज्ञानी पुरस्कार से दो भारतवंशी सम्मानित, बाइडेन बोले- उत्कृष्ट शब्द छोटा, सभी असाधारण हैं

By Jagran NewsEdited By: Abhinav Atrey
Published: Wed, 25 Oct 2023 11:07 PM (IST)

अमेरिका में दो भारतवंशी वैज्ञानिकों को विज्ञान क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने ...और पढ़ें

अमेरिका के सर्वोच्च विज्ञानी पुरस्कार से दो भारतवंशी सम्मानित (फोटो एक्स)
अमेरिका के सर्वोच्च विज्ञानी पुरस्कार से दो भारतवंशी सम्मानित (फोटो एक्स)

HighLights

  1. सुब्रा सुरेश ने एमआइटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की
  2. गाडगिल ने आईआईटी कानपुर से भौतिकी में डिग्री हासिल की

जागरण न्यूज नेटवर्क, वॉशिंगटन। अमेरिका में दो भारतवंशी वैज्ञानिकों को विज्ञान क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को वैज्ञानिकों अशोक गाडगिल और सुब्रा सुरेश को सर्वोच्च विज्ञानी पुरस्कार प्रदान करते कहा, 'इस साल पुरस्कार पाने वालों के लिए उत्कृष्ट शब्द छोटा है। ये सभी असाधारण हैं।'

ब्राउन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में सीनियर प्रोफेसर और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) में नेशनल साइंस फाउंडेशन के पूर्व निदेशक सुरेश को इंजीनियरिंग, भौतिकी विज्ञान और जीव विज्ञान में अग्रणी शोध के लिए सम्मानित किया गया।

सुब्रा सुरेश ने एमआइटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की

साल 1956 में भारत में जन्मे सुब्रा सुरेश ने एमआइटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की है। वहीं, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और लारेंस बर्कले राष्ट्रीय प्रयोगशाला के अशोक गाडगिल को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी और नवाचार पदक से सम्मानित किया गया है।

गाडगिल ने आईआईटी कानपुर से भौतिकी में डिग्री हासिल की

गाडगिल ने बॉम्बे विश्वविद्यालय (अब मुंबई), आईआईटी कानपुर से भौतिकी में डिग्री हासिल की और पीएचडी यूसी बर्कले से की है। 1980 में गाडगिल लारेंस बर्कले नेशनल लेबोरेटरी (बर्कले लैब) में शामिल हो गए। व्यापक रूप से 'मानवतावादी आविष्कारक' माने जाने वाले गाडगिल यह सम्मान पाने वाले 12 पुरस्कार विजेताओं में से एक हैं।

अमेरिकी कांग्रेस द्वारा 1959 में स्थापित राष्ट्रीय विज्ञान पदक राष्ट्रपति की तरफ से दिया जाता है। यह देश की तरफ से विज्ञानियों और इंजीनियरों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।

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