वाशिंगटन, एजेंसी।  दक्षिण चीन सागर में विवादित द्वीपों के समीप से दो अमेरिकी युद्धपोत गुजरे। अमेरिका ने सोमवार को चीन की नौसैनिक शक्ति को चुनौती देने के लिए दोनों युद्धपोतों को भेजा है। मीडिया में आई रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कदम से बीजिंग नाराज हो सकता है। गाइडेड मिसाइल विध्वंसक यूएसएस स्प्रुएंस और यूएसएस प्रेबल स्प्राटली द्वीप के 12 नॉटिकल मील के अंदर से गुजरे। अमेरिकी नौसेना के फ्रीडम ऑफ नेविगेशन आपरेशन के तहत दोनों युद्धपोतों को भेजा गया है।

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार जंग छिड़ी है। दोनों देश एक मार्च से पहले समझौता करने में जुटे हैं। 200 अरब डॉलर के चीनी आयात पर अमेरिकी शुल्क के 10 फीसद से बढ़कर 25 फीसद हो जाने का अनुमान है। ऐसे में इस अमेरिकी कदम से बीजिंग क्रोधित हो सकता है। स्प्राटली द्वीप विवादित द्वीपों, टापू, प्रवाल और चट्टानों का समूह है। कुछ समय पहले ये दक्षिण चीन सागर में डूबे हुए थे। यह द्वीप समूह फिलीपींस, मलेशिया और दक्षिणी वियतनाम के तट से कुछ दूरी पर स्थित है।

अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े के प्रवक्ता कमांडर क्ले डोस ने कहा, 'सोमवार का अभियान हद से ज्यादा मैरीटाइम दावे को चुनौती और अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा प्रशासित जलमार्ग के संरक्षण के लिए चलाया गया। सभी अभियान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार तैयार और आयोजित किया गया था। यह दिखाया गया कि जहां भी अंतरराष्ट्रीय कानून अनुमति देता है वहां अमेरिका उड़ान भर सकता है और पोत ले जा सकता है। दक्षिण चीन सागर और दुनिया के अन्य हिस्सों में यही सत्य है।' 

Posted By: Mangal Yadav