सैन फ्रांसिस्को, आइएएनएस। माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर अपने विचारों और नीतियों को व्‍यक्‍त करने का सशक्‍त माध्‍यम बन गया है। कोई आम इंसान हो या फिर किसी देश का राष्‍ट्रपति हर किसी के लिए यह मंच उपलब्‍ध है। हालांकि, ट्विटर का कहना है कि वैश्विक नेता उसकी नीतियों से पूरी तरह ऊपर नहीं हैं। इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वाले नेताओं के ट्वीट को यूजर द्वारा लाइक या शेयर करने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

हालांकि, इससे साथ ट्विटर ने यह साफ नहीं किया कि वह नियमों का उल्लंघन करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसे वैश्विक नेताओं के अकाउंट पर रोक लगाएगा या नहीं? ट्विटर के इस बयान से जाहिर होता है कि वह ट्रंप जैसे वैश्विक नेताओं के प्रति उदारता दिखाता रहेगा। ऐसा ही अगर कोई सामान्‍य यूजर करता, तो शायद उसके प्रति इतनी उदारता नहीं दिखाई जाती।

ट्विटर ने मंगलवार को ब्लॉग पोस्ट में कहा, 'हम यूजर्स को वैश्विक नेताओं के ऐसे पोस्ट को लाइक, शेयर या रीट्वीट करने की अनुमति नहीं देंगे, जो हमारे नियमों का उल्लंघन करते हैं। यूजर हालांकि, रीट्वीट के साथ टिप्पणी कर अपनी राय जाहिर कर सकेंगे। हमारा मकसद अपने विवेकपूर्ण और निष्पक्ष नियमों को प्रभावी करने का है।' आमतौर पर ट्विटर की ओर से विवादित ट्वीट्स को डिलीज कर दिया जाता है। पिछले कुछ समय से टि्वटर अपनी इस पॉलिसी को लेकर काफी सर्तक नजर आ रहा है।

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ट्विटर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उसे अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के विवादित ट्वीट के खिलाफ कदम उठाने के लिए दबाव का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन वह ट्रंप के खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रहा है। इस महीने की शुरुआत में भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद कमला हैरिस ने ट्विटर से ट्रंप का अकाउंट बंद करने की मांग की थी। ट्रंप अपने सियासी विरोधियों पर हमला करने के लिए अक्सर ही ट्विटर का इस्तेमाल करते हैं।

Posted By: Tilak Raj

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