वेलिंगटन, एपी। न्यूजीलैंड के समीप स्थित देश टोंगा के पास प्रशांत महासागर में ज्वालामुखी विस्फोट से सुनामी आने का खतरा रविवार को टल गया। लेकिन छोटे से द्वीप देश टोंगा के ऊपर ज्वालामुखी से निकली राख के बादल बने हैं जिससे न्यूजीलैंड से नुकसान का आकलन करने के लिए निगरानी विमान उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। न्यूजीलैंड ने कहा है कि 63000 फीट मोटे बादल बन जाने से निगरानी विमान नहीं भेजे जा रहे। सोमवार को प्रयास किया जाएगा और आपूर्ति विमान एवं नौसेना के पोत भेजे जाएंगे।

शनिवार शाम में हुए ज्वालामुखी विस्फोट को उपग्रह से ली गई तस्वीरों में देखा जा सकता है। प्रशांत महासागर के नीले जल के ऊपर मशरूम के आकार में राख, भाप और गैस को ऊपर उठते देखा जा सकता है। टोंगा में इससे पूरे तटवर्ती क्षेत्र में सुनामी लहरें टकराई और लोगों को ऊंचाई वाली जगहों की ओर भागना पड़ा। टोंगा में इंटरनेट समेत संचार संपर्क भंग हो गया और रविवार दोपहर तक सरकारी वेबसाइट निष्कि्रय रहीं।

किसी के घायल या मौत होने की आधिकारिक रिपोर्ट नहीं

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अड्रेर्न ने कहा है कि अभी तक टोंगा में किसी के घायल या मौत होने की आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि टोंगा तटवर्ती क्षेत्रों में नौकाओं और दुकानों को क्षति पहुंचने की आशंका है। जलापूर्ति के दूषित हो जाने से साफ पानी सबसे बड़ी जरूरत हो गया है। राख की मोटी परत और धुएं के कारण लोगों को मास्क पहनने और बोतल बंद पानी पीने के लिए कहा गया है।

बता दें कि शनिवार को ज्वालामुखी विस्फोट के बाद टोंगा के तटवर्ती इलाकों में ऊंची-ऊंची लहरे उठ रही थीं। लोग बचने के लिए ऊंचे स्थानों की तरफ चले गए। समुद्र की विशाल लहरें हवाई, अलास्का और अमेरिकी प्रशांत तट की तरफ भी बढ़ रही थी, जिसको देखते हुए इन क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan