कभी चीन की बुराई करने वाले ट्रंप, अब चिनफिंग के लिए बिछा रहे रेड कारपेट
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, जो कभी चीन और शी चिनफिंग के आलोचक थे, अब उनके स्वागत की तैयारी कर रहे हैं और उन्हें 'ग्रेट जेंटलमैन' बता रहे हैं।

चिनफिंग के स्वागत की तैयारी में जुटे ट्रंप। (रॉयटर्स)
HighLights
ट्रंप का चीन और शी चिनफिंग के प्रति नजरिया बदला।
पहले आलोचक, अब चिनफिंग को 'ग्रेट जेंटलमैन' बताकर स्वागत।
यह बदलाव व्यापार, तकनीक और रणनीतिक निर्भरता को दर्शाता है।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। कभी चीन को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बताने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का चीन और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के प्रति अंदाज अब काफी बदल गया है।
एक समय ट्रंप चीन पर अमेरिकी कारखानों को नुकसान पहुंचाने और मध्यवर्ग को कमजोर करने का आरोप लगाते थे। अब वही ट्रंप चिनफिंग को ग्रेट जेंटलमैन बताते हैं और अगले हफ्ते उनके स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं।
चिनफिंग की यह अमेरिका की एक दशक से अधिक समय बाद पहली राजकीय यात्रा होगी। ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप उनके सम्मान में व्हाइट हाउस में राजकीय भोज भी देंगे।
ट्रंप ने इसी महीने चिनफिंग की तारीफ करते हुए कहा था कि दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं और दोनों देशों के व्यापारिक संबंध भी अच्छे हैं। इस बदले रुख की एक झलक तब भी दिखी, जब पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमलों के दौरान चीन की कथित मदद के सवाल पर ट्रंप ने बीजिंग के खिलाफ सख्त रुख नहीं अपनाया।
यही वह ट्रंप हैं, जो पहले चीन पर अमेरिकी चुनाव में दखल देने और 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में मतदाताओं की सूचनाओं तक पहुंच बनाने का आरोप लगा चुके हैं।
टैरिफ के बाद बढ़ी निर्भरता
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में चीन के खिलाफ टैरिफ उनकी आर्थिक रणनीति का प्रमुख हथियार रहे हैं। लेकिन दुर्लभ खनिजों के मामले में चीन की मजबूत स्थिति ने अमेरिका के लिए चुनौती पैदा की है। इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर कई आधुनिक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण इन खनिजों की आपूर्ति में चीन की बड़ी भूमिका है।
अमेरिका की सख्ती के जवाब में बीजिंग ने भी निर्यात नियंत्रण का इस्तेमाल किया, जिससे वाशिंगटन को कई मौकों पर अपना रुख नरम करना पड़ा। चीन के विनिर्माण क्षेत्र पर अमेरिकी टैरिफ का असर भी वैसा नहीं दिखा, जैसा वाशिंगटन चाहता था। चीन ने दूसरे बाजारों में निर्यात बढ़ाया है।
2025 में उसका वैश्विक व्यापार अधिशेष करीब 1.2 खरब डॉलर के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया था। अगस्त 2026 में भी उसके निर्यात में सालाना आधार पर करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इलेक्ट्रिक वाहनों, सेमीकंडक्टर और दूसरे उच्च तकनीकी उत्पादों की मांग ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई।
ट्रंप ने मई में चीन का दौरा भी किया था और वहां हुए स्वागत-सत्कार की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की थी। अब चिनफिंग की यात्रा के लिए व्हाइट हाउस के साउथ लान में हेलीपैड तैयार किया गया है। हालांकि, व्हाइट हाउस में निर्माणाधीन नया बड़ा बालरूम इस यात्रा तक तैयार नहीं हो पाएगा, जिसे लेकर ट्रंप ने निराशा भी जताई है।
चीन के साथ रिश्ते में दिख रही व्यावहारिकता
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में कई पश्चिमी नेताओं पर सार्वजनिक टिप्पणियां की हैं, लेकिन चिनफिंग के साथ उनका व्यवहार अपेक्षाकृत संयमित रहा है। अब दोनों नेताओं की आगामी बैठक में व्यापार के साथ दुर्लभ खनिज, एआई और टैरिफ जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, कुछ गैर-रणनीतिक वस्तुओं पर टैरिफ में सीमित राहत की संभावना है, लेकिन दुर्लभ खनिजों के निर्यात नियंत्रण में बड़ी ढील की उम्मीद नहीं है।
इस तरह चिनफिंग के लिए ट्रंप का बदला अंदाज सिर्फ व्यक्तिगत गर्मजोशी की कहानी नहीं है। इसके पीछे अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक निर्भरता की जटिलता भी दिखाई देती है।
टैरिफ के बावजूद चीन की विनिर्माण क्षमता और वैश्विक बाजारों में उसकी मौजूदगी मजबूत बनी हुई है। ऐसे में वाशिंगटन के लिए बीजिंग से टकराव के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखना भी जरूरी बना हुआ है।
(समाचार एजेंसी एपी इनपुट के साथ)
