उल्टी पड़ी ट्रंप की चाल, भारत पर लगाया गया टैरिफ अमेरिकियों पर पड़ रहा भारी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय मसालों पर लगाए गए टैरिफ से अमेरिकी उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं, जिससे मसाला व्यापारी व्यापार समझौते में छूट की उम्मीद कर रहे हैं।

भारत पर लगाया गया टैरिफ अमेरिकियों पर पड़ रहा भारी।
HighLights
ट्रंप के टैरिफ से भारतीय मसाले अमेरिकियों के लिए महंगे हुए।
अमेरिकी मसाला व्यापारी टैरिफ छूट हेतु व्यापार समझौते की उम्मीद कर रहे।
स्वास्थ्य लाभों के कारण अमेरिका में भारतीय मसालों की मांग बढ़ी।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का भारत पर लगाया गया टैरिफ अमेरिकियों पर भारी पड़ रहा है। अमेरिकी भारतीय मसालों के लिए बेचैन होने लगे हैं, लिहाजा अमेरिका के मसाला व्यापारी भारत के साथ व्यापार समझौते के तहत भारतीय मसालों पर टैरिफ से छूट की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि अमेरिकी ग्राहकों को ये उचित कीमतों पर मिलते रहें।
अमेरिका हर वर्ष भारत से 70 करोड़ डॉलर के मसालों का आयात करता है एवं आने वाले वर्षों में व्यापार की मात्रा और बढ़ने की उम्मीद है।
अमेरिकन स्पाइस ट्रेड एसोसिएशन (एएसटीए) के सीईओ डोनल्ड प्रैट ने कहा, "हमें उम्मीद है कि सरकार मसालों पर टैरिफ से छूट का समर्थन जारी रखेगी। इसलिए हमें आशा है कि दोनों देश साथ आएंगे और अमेरिका में मसालों की आपूर्ति जारी रखने के लिए जो सबसे अच्छा हो सकता है, वह करेंगे।"
प्रैट की ये टिप्पणी भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के लिए बातचीत अभी भी चल रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि दोनों पक्ष एक "ठहराव" की स्थिति में पहुंच गए हैं, जहां दोनों तरफ से और रियायतें देने की गुंजाइश सीमित है।
प्रैट भारतीय दूतावास द्वारा इंडिया हाउस में भारतीय मसालों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। एएसटीए और भारतीय दूतावास ने व्यापार को बढ़ावा देने व इस क्षेत्र में साझेदारी बनाने में मदद करने के प्रयासों के तहत मसाला कारोबारियों को एक साथ इकट्ठा किया था।
उन्होंने कहा कि अमेरिका को मसालों की आपूर्ति करने वाला भारत प्रमुख देश है, इसके अलावा वियतनाम, इंडोनेशिया और चीन जैसे देशों से भी मसालों की आपूर्ति होती है। प्रैट ने कहा कि अमेरिका में मसालों का बाजार और बढ़ने वाला है क्योंकि ग्राहक विभिन्न मसालों के स्वास्थ्य को होने वाले फायदों के बारे में जान रहे हैं।
उन्होंने कहा, "हल्दी को एक अलग नजरिये से देखा जाने लगा है। पहले यह सिर्फ सब्जी तक सीमित थी, लेकिन अब हल्दी का न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट भी उपलब्ध हैं।" अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि अमेरिका को भारत का मसाला निर्यात वर्ष-दर-वर्ष बढ़ता रहा है। उन्होंने कहा, "हमारे पास यह मानने के कारण हैं कि आने वाले वर्षों में इसमें और विस्तार होगा।"
क्वात्रा ने कहा कि भारतीय मसाले अमेरिकी घरों में "भारतीयता का एक हिस्सा" पहुंचा रहे हैं, क्योंकि इनकी लोकप्रियता अब सिर्फ स्वाद तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि सेहत और रोजमर्रा के खान-पान की आदतों तक भी फैल गई है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
