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ईरान के साथ जंग में पानी की तरह पैसा बहा रहे ट्रंप, अगर युद्ध लंबा खिंचा तो क्या होगा?

Published: Wed, 04 Mar 2026 09:44 AM (IST)

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में भारी आर्थिक लागत आ रही है। शुरुआती 24 घंटों में ही 6,900 ...और पढ़ें

7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद से अमेरिका ने इजरायल को 21.7 बिलियन डॉलर की सैन्य सहायता दी है।

7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद से अमेरिका ने इजरायल को 21.7 बिलियन डॉलर की सैन्य सहायता दी है।

HighLights

  1. युद्ध के पहले 24 घंटों में 6,900 करोड़ रुपये खर्च।

  2. लंबा खिंचने पर युद्ध लागत 18.87 लाख करोड़ रुपये।

  3. अमेरिका ने इजरायल को 21.7 बिलियन डॉलर सैन्य सहायता दी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जंग अपने चरम पर है। ईरान पर हमलों से न सिर्फ जान-माल का नुकसान हो रहा है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी भारी दबाव पड़ रहा है। पहले 24 घंटों में ही हमलों पर 779 मिलियन डॉलर यानी करीब 6,900 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध कम से कम एक महीना चलेगा और जरूरत पड़ी तो इससे ज्यादा भी।

अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो कुल खर्च 210 बिलियन डॉलर यानी 18.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। मानव जीवन की कीमत के अलावा यह रकम अमेरिकी करदाताओं की जेब से निकलेगी।

कितना होता है युद्ध का खर्च?

ईरान पर हमलों से पहले अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में दो एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात किए थे। इनमें दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड भी शामिल है। सेंटर फॉर न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी के आंकड़ों के मुताबिक, ऐसे एक ग्रुप को चलाने में रोजाना 6.5 मिलियन डॉलर यानी 58 करोड़ रुपये लगते हैं।

हमलों से पहले की तैयारी में ही विमानों की तैनाती, नौसेना जहाजों की पोजिशनिंग और क्षेत्रीय संसाधनों की मोबिलाइजेशन पर 630 मिलियन डॉलर यानी 5,556 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई प्रमुख नेता मारे गए।

पहले भी भारी खर्च कर चुका है अमेरिका

7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद से अमेरिका ने इजरायल को 21.7 बिलियन डॉलर की सैन्य सहायता दी है। उस हमले में 1,200 लोग मारे गए थे और 251 को बंधक बनाया गया था। इसके अलावा, यमन, ईरान और व्यापक मिडिल ईस्ट में इजराइल के ऑपरेशंस को सपोर्ट करने पर अमेरिका ने 9.65 से 12.07 बिलियन डॉलर खर्च किए हैं।

ब्राउन यूनिवर्सिटी की 2025 कॉस्ट्स ऑफ वॉर रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों को जोड़ें तो कुल खर्च 31.35 से 33.77 बिलियन डॉलर यानी 2.82 से 3.04 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचता है। यह रकम पहले से ही अमेरिका के बजट पर बोझ डाल रही है, और अब ईरान युद्ध इसे और बढ़ा रहा है।

ईरान जंग में कितना मजबूत है?

ईरान ने भी पीछे हटने से मना कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अली बहरेनी ने कहा, "ईरानी राष्ट्र पर युद्ध थोपा गया है। जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल पर है। हम अपना बचाव तब तक जारी रखेंगे जब तक यह आक्रमण रुकेगा।"

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