विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

व्हाइट हाउस में नए चैनल की एंट्री, ट्रंप का प्रमुख मीडिया आउटलेट्स  पर बैन; जवाब में शुरू किया 'ट्रंप टीवी'

Published: Tue, 22 Sep 2026 06:25 AM (IST)

ट्रंप प्रशासन ने प्रमुख मीडिया संस्थानों को व्हाइट हाउस से बाहर करने के बाद अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म 'ट्रंप टीवी' लॉन्च किया है।

व्हाइट हाउस ने लॉन्च किया ट्रंप टीवी

व्हाइट हाउस ने लॉन्च किया ट्रंप टीवी

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन और प्रमुख मीडिया संस्थानों के बीच विवाद चरम पर पहुंच गया है। प्रमुख समाचार चैनलों और मीडिया हाउस को व्हाइट हाउस से बाहर किए जाने के बाद, प्रशासन ने सोमवार को अपना खुद का समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म 'ट्रंप टीवी: द एसेंशियल्स स्टेशन' लॉन्च कर दिया है।

यह 24/7 चलने वाली डिजिटल वीडियो स्ट्रीम है, जिसमें प्रशासन की आधिकारिक घोषणाएं, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बयान और प्रमुख कार्यक्रमों के फुटेज दिखाए जाएंगे।

इस प्लेटफॉर्म को सोमवार शाम 7 बजे पर व्हाइट हाउस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर शुरू किया गया। व्हाइट हाउस का कहना है कि यह नई सेवा प्रशासन के सबसे महत्वपूर्ण पलों को एक जगह लाएगी और इसे रियल-टाइम में अपडेट किया जाएगा।

मीडिया आउटलेट्स के मुकदमे के बाद उठाया कदम

'ट्रंप टीवी' का यह लॉन्च CNN, MS NOW और Politico द्वारा ट्रंप प्रशासन के खिलाफ दायर किए गए एक संघीय मुकदमे के महज कुछ घंटों बाद आया है। इन तीनों मीडिया संगठनों ने शनिवार को उनके पत्रकारों के प्रेस क्रेडेंशियल्स रद्द करने और उन्हें परिसर में प्रवेश से रोकने के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

मीडिया संस्थानों का तर्क है कि प्रशासन का यह फैसला अमेरिकी संविधान के फर्स्ट अमेंडमेंट (अभिव्यक्ति और प्रेस की आजादी) के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

तनाव इतना बढ़ गया कि CNN को तय टेलीविजन पूल ड्यूटी से हटाए जाने के बाद ABC, CBS, Fox News और NBC जैसे अन्य प्रमुख मीडिया हाउस ने भी विरोध स्वरूप व्हाइट हाउस टेलीविजन पूल में अपनी भागीदारी रोक दी।

पूल कवरेज बाधित होने के कारण व्हाइट हाउस द्वारा जारी यह डिजिटल स्ट्रीम ही अब राष्ट्रपति के कार्यक्रमों का मुख्य वीडियो स्रोत बन गई है।

ट्रंप ने साधा मीडिया पर निशाना

मुकदमा दर्ज होने के बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इन मीडिया आउटलेट्स पर तीखा हमला बोला। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ये संगठन अज्ञात सूत्रों के हवाले से नकारात्मक और फर्जी खबरें चलाकर देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।

ट्रंप ने कहा, ऐसी बेईमान और भ्रष्ट प्रेस को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय में आने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। जो मीडिया संस्थान जानबूझकर सच को मरोड़ते हैं, उन्हें एक्सेस देना जरूरी नहीं है। फेक न्यूज लोकतंत्र के लिए खतरा है और देश की सफलता के लिए मैं लड़ता रहूंगा।

अदालत में बुधवार को होगी सुनवाई

तीनों मीडिया आउटलेट्स ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि उनका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकार यह तय न करे कि प्रेस को क्या रिपोर्ट करना चाहिए। यह मामला यूएस डिस्ट्रिक्ट जज टिमोथी केली को सौंपा गया है, जिन्होंने 2018 में भी पत्रकार जिम अकोस्टा के प्रेस क्रेडेंशियल रद्द होने से जुड़े मामले की सुनवाई की थी।

अदालत बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगी कि केस लंबित रहने के दौरान मीडिया संस्थानों का एक्सेस बहाल किया जाए या नहीं। फिलहाल, ट्रंप टीवी के लॉन्च ने इस कानूनी और मीडिया विवाद में एक नया और अभूतपूर्व पहलू जोड़ दिया है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।