रूस को प्रतिबंधों में छूट देकर घिरे ट्रंप, डेमोक्रेट्स ने पूछा- पुतिन से क्या सौदा हुआ?
रूसी कच्चे तेल की बिक्री पर प्रतिबंधों में छूट देने के ट्रंप के फैसले पर देश में विवाद खड़ा हो गया है।

रूस को प्रतिबंधों में छूट देकर घिरे ट्रंप। (रॉयटर्स)
HighLights
ट्रंप ने रूसी तेल प्रतिबंधों में छूट देकर विवाद खड़ा किया।
डेमोक्रेट्स ने पुतिन को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।
यूक्रेन युद्ध पर दबाव कमजोर होने की आशंका जताई गई।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। रूस के कच्चे तेल की बिक्री से जुड़े प्रतिबंधों में छूट देने के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अपने ही देश में घिर गए हैं। डेमोक्रेटिक नेताओं और सांसदों ने इस कदम की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इससे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फायदा होगा और यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का दबाव कमजोर पड़ेगा।
ट्रंप ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कानून’ की धारा 115 के तहत यह छूट दी है। यह कदम विधेयक पर हस्ताक्षर के करीब एक महीने बाद उठाया गया। कानून में रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रविधान है। इन देशों में भारत और चीन भी शामिल हैं।
ट्रंप के फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अमेरिका में नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले डीजल की कीमतों में तेजी को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में रूसी तेल पर प्रतिबंधों में राहत देने के ट्रंप के फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।
कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम के कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सवाल उठाया, 'पुतिन से पैसे कौन ले रहा है और कितने?' डेमोक्रेट सांसद डान बेयर ने ट्रंप के फैसले को पुतिन के सामने आत्मसमर्पण और यूक्रेन के साथ विश्वासघात बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति कानून का दुरुपयोग कर सकते हैं और कांग्रेस को इसमें सुधार करना चाहिए।
राष्ट्रपति युद्ध खत्म करने के बजाय उसे लंबा खींच रहे- डॉन बेकन
रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकन ने भी कहा कि राष्ट्रपति युद्ध खत्म करने के बजाय उसे लंबा खींच रहे हैं।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन के मुखर आलोचक और पूर्व विश्व शतरंज चैंपियन गैरी कास्परोव ने भी फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रूस पर दबाव कम करने या उसे आर्थिक लाभ पहुंचाने वाला हर कदम यूक्रेनियों की जान जोखिम में डालता है और युद्ध को लंबा खींचता है। इससे वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचता है।
कानून की धारा 115 राष्ट्रपति को कुछ विदेशी व्यक्तियों, उन पर लागू प्रतिबंधों और कानून के तहत शुल्क से छूट देने का अधिकार देती है। इसी प्रविधान के इस्तेमाल को लेकर अब ट्रंप प्रशासन की नीति पर सवाल उठ रहे हैं।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
