वाशिंगटन, पीटीआइ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप से भी ज्यादा मेल के द्वारा किया जाने वाला मतदान 'बड़ा खतरा' है क्योंकि इससे बड़े पैमाने पर चुनावी कदाचार के अवसर खुल सकते हैं। बता दें कि 3 नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव से पहले, डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा शासित राज्य के राज्यपाल लोगों को मेल-इन-बैलट द्वारा मतदान करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और मतदान केंद्रों पर आने से बचने के लिए वैसे ही मताधिकार के अधिकार का उपयोग करने को कह रहे हैं।

ट्रंप का तर्क है कि इस तरह के कदम से चुनावी कदाचार हो सकता है, क्योंकि कोई किसी की ओर से भी मतदान कर सकते है और कहीं से भी। इसके अलावा सैकड़ों और हजारों मतपत्र गायब हो जाएंगे। डेमोक्रेट्स का तर्क है कि यह एक अच्छी तरह से स्थापित अभ्यास है और कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए मेल-इन-वोट को पसंदीदा विकल्प होना चाहिए।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, 'इस चुनाव के लिए हमारा सबसे बड़ा खतरा मतपत्रों, लाखों मतपत्रों को नियंत्रित करने वाले विरोधी दलों के राज्यपालों से है। मेरे लिए यह विदेशी देशों की तुलना में भी बहुत बड़ा खतरा है। क्योंकि विदेशों के बारे में आने वाले अधिकांश सामान असत्य साबित हुए हैं।' उन्होंने सवाल किया कि अभी हमारे पास सबसे बड़ी समस्या मतपत्र हैं। लाखों मतपत्र बाहर हैं। यही सबसे बड़ी समस्या है। जब आप अन्य देशों के बारे में बात करते हैं कि क्या यह चीन, रूस या कई अन्य हैं जिनका उल्लेख है कि वे इन पेपर मतपत्रों के साथ बहुत बेहतर स्थिति में हैं, तो वे कुछ करने की तुलना में पुराने सिस्टम के तहत होंगे और यह हमारे लिए सबसे बड़ी समस्या है।

उन्होंने कहा कि यह सच है कि इस बैलट सिस्टम का उपयोग करते हुए पिछले साल और डेढ़ साल में कई चुनाव हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि मतपत्र चोरी हो जाएंगे। कौन जानता है कि वे कहां जा रहे हैं? कौन जानता है कि वे कहां से आ रहे हैं? यह केवल मतपत्रों की गिनती नहीं है, जिसे वोट मिल जाएगा फिर वो हमेशा के लिए हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम डेमोक्रेट्स द्वारा किसी उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।

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