वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका में वर्ष 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव से एक और विवाद जुड़ गया है। चुनाव के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम की जासूसी का शक जताया गया है। ट्रंप ने न्याय विभाग से कहा है कि वह यह पता लगाए कि क्या ओबामा प्रशासन के आदेश पर एफबीआइ ने अनुचित मकसद से उनकी चुनाव अभियान टीम की जासूसी की थी?

-2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप टीम की जासूसी का शक

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, ट्रंप का यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिसमें कहा गया कि रूस के साथ ट्रंप टीम की साठगांठ के बारे में जानकारी जुटाने के लिए एफबीआइ ने एक विश्वस्त सूत्र को तैनात किया था। ट्रंप ने ट्वीट किया, 'मैंने मांग की है कि न्याय विभाग यह जांच करे कि उनकी चुनाव टीम की उसने या एफबीआइ ने क्या किसी राजनीतिक मकसद से निगरानी की थी? यह भी पता लगाए कि क्या ओबामा प्रशासन की ओर से इस तरह का कोई आदेश दिया गया था।'

अमेरिका के डिप्टी अटार्नी जनरल रॉड रोसेंस्टेन ने कहा, 'राष्ट्रपति चुनाव प्रचार टीम में अगर किसी ने अनुचित मकसद से घुसपैठ या निगरानी की थी तो हम उचित कार्रवाई करेंगे।'

बता दें कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूस और ट्रंप टीम के बीच साठगांठ के आरोप लगाए गए थे। विशेष वकील रॉबर्ट मुलर इस मामले की पहले से ही जांच कर रहे हैं। वह ट्रंप प्रशासन और उनके कई करीबियों से पूछताछ भी कर चुके हैं।

 

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