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वाशिंगटन, रायटर। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जॉन बोल्टन ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन का अपमान किया था। वह उत्तर कोरिया नीति के लिए मुसीबत बन गए थे। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी पटरी भी नहीं खाती थी। ट्रंप ने बीते सोमवार को बोल्टन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) पद से हटा दिया था।

ट्रंप ने बुधवार को ह्वाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, 'बोल्टन ने यह मांग सामने रखकर किम का अपमान किया था कि वह लीबिया मॉडल को अपना लें और अपने सभी परमाणु हथियार सौंप दें। हमारे लिए उस समय बड़ी बाधा खड़ी हुई, जब जॉन बोल्टन ने लीबिया मॉडल की बात की। क्या मुसीबत थी। क्या वह उत्तर कोरिया के साथ समझौते के लिए इस मॉडल का उपयोग कर रहे थे? इसके बाद किम जोंग उन जॉन बोल्टन के साथ कोई बात नहीं करना चाहते थे। इसके लिए मैं किम को दोष नहीं दूंगा।'

वेनेजुएला पर भी थी असहमति

ट्रंप ने कहा, 'वेनेजुएला मामले में भी बोल्टन से असहमति थी। मुझे लग रहा था कि वह अपने दायरे को पार कर रहे थे और उन्होंने इसे सही साबित किया था। उनका दृष्टिकोण बहुत सख्त था।'

उत्तर कोरिया से वार्ता का फिर खुल सकता है रास्ता

विश्लेषकों का कहना है कि बोल्टन को हटाए जाने से अमेरिका को उत्तर कोरिया के साथ परमाणु मसले पर वार्ता दोबारा शुरू करने के प्रयास में मदद मिल सकती है। ट्रंप ने उत्तर कोरिया के इस संकेत के अगले ही दिन बोल्टन को एनएसए पद से हटा दिया था कि वह फिर वार्ता करने के लिए इच्छुक है।

क्या था लीबिया मॉडल

साल 2003 में लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी अमेरिका से आर्थिक मदद के बदले तबाही वाले सभी हथियार खत्म करने को तैयार हो गए थे। लेकिन समझौते में गद्दाफी की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई थी। इसके चलते यह समझौता टूट गया था।

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Posted By: Sanjeev Tiwari

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