वाशिंगटन, एएनआइ। डेमोक्रेटिक उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने कोविड-19 का मुद्दा उठाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप पर निशाना साधा है। हैरिस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने महामारी के प्रति गंभीरता को कम कर दिया है।  शनिवार को कमला हैरिस ने ट्रंप को निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि कोविड-19 वैक्सीन नवंबर चुनाव से पहले आ जाती है तो वह वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप की बात पर भरोसा नहीं करेंगी। उल्लेखनीय है कि वैश्विक महामारी के कारण दुनिया के तमाम देशों में सबसे अधिक संक्रमित अमेरिका है।

हेल्थ एक्सपर्ट की भी नहीं सुन रहे ट्रंप

इन दिनों चुनाव के मद्देनजर ट्रंप को कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए काफी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। हैरिस ने कहा, 'महामारी की शुरुआत से ही ट्रंप इसे अफवाह बता रहे हैं। उन्होंने पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट की बातों पर गंभीरता पूर्वक नहीं लिया जिसकी वजह से देश की जनता भी इसी भूल में रही कि कोविड-19 हल्की बीमारी है। यदि वे वैज्ञानिकों व हेल्थ एक्सपर्ट की सुनते तो वे इसे समझते।' जॉन्स हॉपकिन्स के नवीनतम डाटा के अनुसार, दुनिया में सबसे अधिक प्रभावित अमेरिका में अब तक कुल संक्रमण के मामले 62 लाख 70 हजार 9 सौ 50 है और मरने वालों की संख्या 1 लाख 88 हजार 8 सौ 10 है।

ट्रंप का दावा- साल के अंंत तक वैक्सीन

टंप ने पहले वादा किया थाा कि अमेरिका जल्दी नहीं तो इस साल के अंत तक पक्का कोविड-19 वैक्सीन विकसित कर लेगी जिसके लिए हैरिस ने कहा, ' जब से यह महामारी शुरू हुई है जो भी ट्रंप ने कहा है उसपर काफी कम विश्वास कर सकते हैं। मैं पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट व वैज्ञानिकों पर विश्वास करती हूं न कि डोनाल्ड ट्रंप पर।'

इससे पहले अमेरिका के शीर्ष संक्रमित रोग विशेषज्ञ एंथनी फॉसी ने कहा था कि वैक्सीन के ट्रायल के शुरुआती नतीजे इस साल के अंत तक यानि नवंबर या दिसंबर में आ सकते हैं। उन्होंने चुनाव से पहले अक्टूबर में वैक्सीन के तैयार होने की संभावना से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा होने की संभावना कम है, लेकिन ये नामुमकिन भी नहीं है।इस साल 3 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेट व रिपब्लिकन के बीच आरोपों-प्रत्यारोपों का सिलसिला तेज हो गया है।

Edited By: Monika Minal