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इजरायल को दो हजार पाउंड वाले 40 हजार शक्तिशाली बम देगा ट्रंप प्रशासन, जो बाइडन ने लगाई थी रोक

Published: Wed, 16 Sep 2026 10:05 PM (IST)

ट्रंप प्रशासन इजरायल को 2.8 अरब डॉलर के सैन्य समझौते के तहत 40 हजार शक्तिशाली बम देने की तैयारी में ...और पढ़ें

बेंजामिन नेतन्याहू और डोनल्ड ट्रंप।

बेंजामिन नेतन्याहू और डोनल्ड ट्रंप।

HighLights

  1. इनमें 20 हजार एमके84 और इतने ही बीएलयू-117 बम शामिल होंगे

  2. हथियार बिक्री की योजना की खबर सबसे पहले वाशिंगटन पोस्ट ने दी थी

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इजरायल को बेहद शक्तिशाली बम देने की तैयारी में है। प्रस्तावित सैन्य समझौते के तहत इजरायल को दो हजार पाउंड वजन वाले 40 हजार शक्तिशाली बम देने की योजना है। ये वही हथियार हैं, जिनकी आपूर्ति पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने गाजा में भारी तबाही और बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका के कारण रोक दी थी।

इजरायल को हथियार देने की योजना के बारे में जानकारी रखने वाले दो अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर मंगलवार को बताया कि 2.8 अरब डालर के इस पैकेज के तहत कुल 40 हजार बम देने की योजना है।

इनमें 20 हजार एमके84 और इतने ही बीएलयू-117 बम शामिल होंगे। अभी इस योजना को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। यह प्रस्तावित सौदा इजरायल की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के ट्रंप प्रशासन की ओर से उठाए जा रहे कदमों की कड़ी में नवीनतम है।

हथियार बिक्री की योजना की खबर सबसे पहले वाशिंगटन पोस्ट ने दी थी। 2024 में तत्कालीन बाइडन प्रशासन ने इजरायल के लिए इन बमों की खेप रोक दी थी, लेकिन जनवरी, 2025 में पदभार संभालने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रोक हटा दी थी।

इस तरीके से चुकाई जानी है ज्यादातर राशि

अमेरिकी संसद को इस समझौते के बारे में अनौपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है। समझौते की ज्यादातर राशि विदेशी सैन्य वित्तपोषण के माध्यम से चुकाई जानी है। इसके तहत अमेरिकी करदाताओं की राशि इजरायल को दी जाती है और इजरायल इसका उपयोग अमेरिका से हथियार खरीदने के लिए करता है।

ऐसी स्थिति का सामना कर रहा इजरायल

यह योजना ऐसे समय सामने आई है, जब हमास के सात अक्टूबर, 2023 के हमले के जवाब में गाजा में शुरू किए गए युद्ध के कारण इजरायल को बढ़ते अंतरराष्ट्रीय अलगाव का सामना करना पड़ रहा है। गाजा में युद्ध के दौरान 73 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए हैं और इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ था, लेकिन इसके बावजूद हिंसा जारी है।