न्यूयॉर्क, रायटर्स। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में नए साल की पूर्व संध्या पर सोमवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में इस बार चीफ गेस्ट पत्रकार होंगे। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम इस बार प्रेस की आजादी को समर्पित होगा। बता दें कि बिता साल अमेरिका में पत्रकारों के लिए काफी घातक रहा है। टाइम्स स्क्वायर एलायंस के अध्यक्ष टिम टॉमकिन्स के अनुसार, विशेष रूप से आयोजकों ने मध्यरात्रि में ceremonial ball drop का सम्मान देने को लेकर दो हमलों पर काफी चर्चा की।

उनमें एक जमाल खशोगी की हत्या शामिल है, जो वाशिंगटन पोस्ट के लिए एक सऊदी स्तंभकार और अमेरिकी निवासी थे। दूसरी जून में मैरीलैंड के एनापोलिस के एक समाचार पत्र द कैपिटल के समाचार कक्ष में हुई गोलीबारी शामिल है, जिसमें पांच कर्मचारी मारे गए थे।

टॉमकिन्स ने एक साक्षात्कार में कहा कि साल भर में यह एक बड़ा मुद्दा रहा है। टाइम्स स्क्वायर अपने आप में प्राचीनतम सार्वजनिक स्थान है। यह देखते हुए कि इस क्षेत्र का नाम न्यूयॉर्क टाइम्स के नाम पर रखा गया था। टाइम्स के प्रकाशक एडॉल्फ ओक्स ने 1907 में बॉल ड्रॉप की परंपरा शुरू की थी।

प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट समिति के कार्यकारी निदेशक जोएल साइमन ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता और पत्रकार दोनों खतरे में हैं और उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। टाइम्स स्क्वायर एलायंस ने इसी को लेकर उनके समूह से संपर्क किया।

साइमन ने कहा कि वे आमतौर पर न्यू हैम्पशायर के व्हाइट माउंटेंस में अपनी पत्नी के साथ स्क्रैबल खेलते हुए नए साल की पूर्व संध्या बिताते हैं, लेकिन इस साल वे टाइम्स स्क्वायर के इस समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान वहां मेयर बिल डी ब्लासियो भी शामिल होंगे।

टाइम्स स्क्वायर एलायंस ने कहा कि साइमन के साथ अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय जगत के कई बड़े पत्रकार मंच साझा करेंगे। अभी उनके नामों पर निर्णय लिए जा रहे हैं। पिछले वर्षों में यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र महासचिव रहे बान की मून, इराक युद्ध के दिग्गज, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सोनिया सोतोमयोर और गायक लेडी गागा को दिया गया।

टाइम्स स्क्वायर एलायंस ने नवंबर में साइमन से संपर्क किया था साइमन ने कहा कि कुछ हफ्ते पहले टाइम पत्रिका ने अपने वार्षिक 'पर्सन ऑफ द ईयर' उन प्रमुख पत्रकारों को समर्पित करने का फैसला लिया था, जिन्होंने इस साल हमलों और दुश्मनी का सामना किया है।

उन पत्रकारों में खशोगी और म्यांमार द्वारा कैद किए गए दो रायटर पत्रकार, वा लोन व क्यो सो ओ शामिल हैं। दोनों पत्रकार म्यांमार में मुस्लिम रोहिंग्या अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बलों द्वारा किए गए हत्या को लेकर जासूसी करते हुए पकड़े गए थे।

Posted By: Tanisk

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