विजय गुप्ता, सैन फ्रांसिस्को। Omega 3 benefits भारत में शाकाहारियों की बड़ी संख्या, कैंसर और हृदय रोग, शुगर के रोगी और लगातार बढ़ता मानसिक तनाव। भारत की इस स्थिति के मद्देनजर अमेरिकी अखरोट हिंदुस्तानियों के खान-पान का जरूरी हिस्सा बनकर उन्हें शान से सेहतमंद रखने के लिए तैयार है। विश्व में सबसे उच्च स्तरीय अखरोट पैदा करने वाला अमेरिका का कैलिफोर्निया प्रांत भारतीयों को यह बताना चाहता है कि उनकी सेहत के लिए सबसे ज्यादा ओमेगा-3 वाला यह मेवा क्यों जरूरी है और भोजन में इसका बहुआयामी इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। 

कैलिफोर्निया अपने ज्यादा से ज्यादा अखरोट को वैश्विक बाजार में पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। वह दुनिया को यह भी बता रहा है उसका अखरोट बाकी जगह के उत्पाद से कैसे उत्कृष्ट है। आक्रामक और असरदार मार्केटिंग के बल पर अखरोट निर्यात में अमेरिका ने चीन को पछाड़ दिया है, जो दुनिया का सबसे बड़ा अखरोट उत्पाद देश है। हालांकि भारत में शुल्क बढ़ने के कारण आयात कम होने से कैलिफोर्निया चिंतित है लेकिन उसे आशा है कि गुणवत्ता और कई तरह के बाय प्रोडक्ट्स के जरिये वह भारत के बड़े बाजार में जगह बना ही लेगा।

भारत की जरूरत पर नजर

कैलिफोर्निया वालनट (अखरोट) कमीशन की सीनियर मार्केटिंग डायरेक्टर पामेला ग्रेविएट का कहना है कि बेशक भारत के कश्मीर और अन्य राज्यों में अखरोट पैदा होता है लेकिन वहां की जरूरत कहीं ज्यादा है। हालांकि, वह भारत में 2018 में उससे पिछले साल की अपेक्षा लगभग आधी मात्रा में अखरोट का कैलिफोर्निया से आयात पर चिंता भी जताती हैं। वह कहती हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते जो भी रहें भारत को उच्च गुणवत्ता के अखरोट का आयात करना ही होगा। भारत में अखरोट की गिरी के आयात पर 100 फीसद से ज्यादा शुल्क है।

बागवानी से लेकर प्रोसेसिंग तक में लगातार रिसर्च और नई तकनीकों के इस्तेमाल के परिणाम स्वरूप कम नमी, अच्छे रंग और आकार, ज्यादा पौष्टिकता, स्वाद और स्वास्थ्य सुरक्षा के उच्च मानकों को पूरा करने वाला कैलिफोर्निया का अखरोट भारत व अन्य देशों के उत्पाद पर अपनी श्रेष्ठता बनाए हुए है। कमीशन का प्रयास है कि भारतीयों की भोजन की आदतों और सेहत को लेकर कुछ रिसर्च करवाए जाएं ताकि यह साबित किया जा सके कि क्यों यहां के खानपान में अखरोट जैसे मेवे की जरूरत सबसे ज्यादा है।

गंभीर बीमारियों से बचाव करता है अखरोट

वालनट कमीशन की हेल्थ रिसर्च डायरेक्टर कैरोल स्लोन भी इस बात का दावा करती हैं कि भारत के लोगों के खानपान में शाकाहार ज्यादा होने की वजह से प्रोटीन जैसे तत्वों कमी को दूर करने के लिए अखरोट बेहद लाभकारी है। सबसे ज्यादा ओमेगा-3 तत्व वाला मेवा होने के कारण अखरोट में अल्फा लिनोनिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है। यह कई तरह के कैंसर, हृदय रोग, मानसिक अवसाद और शुगर जैसी बीमारियों से बचाव के लिए बेहद कारगर है। कैरोल का मानना है कि भारत में बढ़ते शहरीकरण के कारण बदलते लाइफस्टाइल में खानपान की आदतों में स्नैक्स भी शामिल हो गए हैं। अगर अखरोट को ब्रेकफास्ट से लेकर स्नैक्स तक में शामिल कर लिया जाए तो यह भारतीयों के लिए पौष्टिकता का बेहतर खजाना साबित होगा।

कई फ्लेवर के अखरोट बाजार में

बाजार में प्रतिस्पर्धा के मद्देनजर कैलिफोर्निया ने अखरोट को शापिंग माल तक पहुंचाया है, बल्कि इसे स्नैक्स का हिस्सा बना भी दिया है। अमेजन जैसी कंपनियों के जरिए इसकी मार्केटिंग की जा रही है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। आज अखरोट की गिरी ही नहीं, बल्कि उससे बने कई व्यंजन बाजार में हैं। भारत के कई शहरों में भी अखरोट से बनी मिठाइयां मिलने लगी हैं।

यह भी पढ़ें:

दिल को स्वस्थ रखता है अखरोट का सेवन; जानें इसके 10 अद्भुत फायदे, खाएंगे तो रहेंगे बिंदास

Posted By: Sanjay Pokhriyal

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस