ट्रंप का बड़ा एलान: 'ईरान युद्ध समाप्ति के करीब', पश्चिम एशिया में तैनात होंगे 10000 और अमेरिकी सैनिक
वार्ता के प्रति सकारात्मक संकेत देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध ...और पढ़ें
HighLights
दूसरे दौर की वार्ता की तैयारियों के बीच किया एलान, कहा- दुनिया अगले दो दिनों पर रखे नजर
वेंस बोले- वर्तमान स्थितियां सकारात्मक, लेकिन परमाणु हथियार नहीं रख सकता ईरान
मुनीर के नेतृत्व में अमेरिका का संदेश लेकर तेहरान पहुंचा पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में वार्ता के दूसरे दौर की तैयारियां जारी हैं। वार्ता के प्रति सकारात्मक संकेत देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही समाप्त हो सकता है और दो हफ्ते के युद्धविराम को संभवत: आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इसी बीच, 10,000 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक पश्चिम एशिया में भेजे जा रहे हैं और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर संघर्ष को फिर से शुरू होने से रोकने के लिए एक मध्यस्थता टीम के साथ तेहरान पहुंच गए हैं।
उन्होंने दुनिया से अगले दो शानदार दिनों पर नजर रखने को कहा। पहले दौर की वार्ता में अमेरिका का नेतृत्व करने वाले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि उन्हें वर्तमान स्थितियां सकारात्मक महसूस हो रही हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता।
इस बीच अमेरिका का संदेश लेकर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंच गया है। इसमें पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी भी शामिल हैं। वहीं, होर्मुज की नाकेबंदी कर रही अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों से आने वाले जहाजों को वापस लौटा दिया।
ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा, ''मुझे लगता है कि आप आने वाले दो दिनों में कुछ अद्भुत देखने वाले हैं।'' साथ ही कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दो हफ्ते के उस युद्धविराम को बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी, जो अगले हफ्ते खत्म हो रहा है। एक अन्य साक्षात्कार में उन्होंने ने कहा, ''मुझे लगता है कि यह युद्ध बहुत जल्द खत्म हो सकता है। यह जल्द ही समाप्त हो जाएगा।''
पाकिस्तान, ईरान और कई खाड़ी देशों के अधिकारियों का भी कहना है कि अमेरिका और ईरान के वार्ता दल इस हफ्ते के आखिर में इस्लामाबाद लौट सकते हैं।
जार्जिया में एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के साथ एक बड़ा समझौता करना चाहते थे, लेकिन दोनों देशों में अविश्वास बहुत अधिक था। पिछले सप्ताहांत हुई बातचीत में ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं मुख्य अड़चन बनी रहीं।
अमेरिका ने ईरान की सभी परमाणु गतिविधियों को 20 वर्षों के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन ईरान ने तीन से पांच वर्षों की रोक का प्रस्ताव दिया था।
अमेरिका ने इस बात पर भी जोर दिया है कि किसी भी संवर्धित परमाणु सामग्री को ईरान से बाहर ले जाया जाए, जबकि तेहरान की मांग है कि उसके विरुद्ध लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जाएं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि जब से ईरानी वार्ताकार अपने देश लौटे हैं, तब से तेहरान और वाशिंगटन के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।
बातचीत में शामिल एक सूत्र ने बताया कि पर्दे के पीछे हुई बातचीत में दोनों पक्षों के बीच की दूरियां कम हुई हैं, जिससे दोनों पक्ष एक ऐसे समझौते के करीब पहुंच गए हैं जिसे बातचीत के अगले दौर में पेश किया जा सकता है।
ट्रंप बोले, चीन हथियार नहीं देने को राजी
ट्रंप ने साक्षात्कार में बताया कि उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को एक पत्र लिखकर ईरान को हथियार नहीं देने को कहा था और चिनफिंग जवाब दिया कि चीन, ईरान को हथियारों की आपूर्ति नहीं कर रहा है। हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि इन पत्रों का आदान-प्रदान कब हुआ था। पिछले हफ्ते उन्होंने ईरान को हथियारों की आपूर्ति करने वाले देशों पर तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।
ट्रंप ने यह भी कहा था, ''उन्हें (चीन) तेल की जरूरत है, हमें नहीं।'' बाद 'ट्रुथ सोशल' पर उन्होंने यह भी लिखा कि वह होर्मुज को स्थायी रूप से खोल रहे हैं और चीन इस बात से बहुत खुश है।
उन्होंने लिखा, ''मैं यह उनके लिए भी कर रहा हूं और पूरी दुनिया के लिए भी। जब मैं कुछ हफ्तों में वहां पहुंचूंगा, तो राष्ट्रपति चिन¨फग मुझे गले लगाकर बहुत प्यार से मिलेंगे।''
अमेरिकी नौसेना होर्मुज से वापस भेज रही जहाज
अमेरिकी सेना ने कहा कि नाकेबंदी के तहत जहाजों को वापस भेजा जा रहा है। इनमें अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित और चीन के स्वामित्व वाला टैंकर 'रिच स्टैरी' भी शामिल है, जिसे बुधवार को होर्मुज से होते हुए वापस जाते देखा गया। 'सेंटकाम' ने बताया कि नाकेबंदी शुरू होने के बाद से ईरान से जुड़े नौ जहाजों को रोककर वापस भेजा गया है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को एक अमेरिकी विध्वंसक जहाज ने ओमान की खाड़ी में स्थित ईरान के चाबहार बंदरगाह से निकलने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को रोक दिया।
वहीं, अमेरिकी के प्रतिबंधों के दायरे में आने वाला एक ईरानी सुपरटैंकर नाकेबंदी के बावजूद होर्मुज को पार करके ईरान के इमाम खुमैनी बंदरगाह की ओर बढ़ गया; संभवत: वह खाली ही बंदरगाह लौट रहा था।
ईरान की चेतावनी, बाधित कर देंगे व्यापार
ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की नाकेबंदी जारी रही, तो वह खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में व्यापार को बाधित कर देगी। ईरान की एक समाचार एजेंसी ने यह भी बताया कि ईरान नाकेबंदी से बचने के लिए अपनी दक्षिणी तटरेखा से दूर स्थित वैकल्पिक बंदरगाहों का इस्तेमाल करेगा।
शेयर बाजारों में तेजी
ट्रंप की जल्द युद्ध खत्म होने की उम्मीद से वैश्विक शेयर बाजार रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। मंगलवार और बुधवार सुबह गिरी तेल की कीमतें फिर से बढ़कर लगभग 96 डालर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गईं। ऐसा तब हुआ जब अमेरिकी सेना ने कहा कि उसकी नाकेबंदी ने ईरान से होने वाले समुद्री व्यापार को पूरी तरह से रोक दिया है।
लेबनान पर इजरायली हमले जारी
शांति प्रयासों को और जटिल बनाते हुए इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे हैं। इन हमलों का निशाना हिजबुल्लाह है, जो ईरान समर्थित आतंकी समूह है। इजरायल और अमेरिका का कहना है कि यह अभियान युद्धविराम के दायरे में नहीं आता, जबकि ईरान का कहना है कि यह इसके अंतर्गत आता है। मंगलवार को वाशिंगटन में इजरायली और लेबनानी अधिकारियों के बीच वार्ता हुई थी।
