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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Howdy Modi कार्यक्रम के अनछुए पहलू, कैसे अमेरिकी लोकतंत्र के लिए अहम हो गए 'नमो'

By Ramesh MishraEdited By:
Published: Sat, 21 Sep 2019 12:11 PM (IST)Updated: Sat, 21 Sep 2019 02:17 PM (IST)

Howdy Modi भारत और अमेरिका में ह्यूस्टन मेगा शो सुर्खियां बटोर रहा है। आइए जानते हैं इस मेगा शो के ...और पढ़ें

Howdy Modi कार्यक्रम के अनछुए पहलू, कैसे अमेरिकी लोकतंत्र के लिए अहम हो गए 'नमो'
Howdy Modi कार्यक्रम के अनछुए पहलू, कैसे अमेरिकी लोकतंत्र के लिए अहम हो गए 'नमो'

नई दिल्‍ली, जेएनएन। हाउडी मोदी मेगा शो का क्रेज न केवल भारत के लिए है, बल्कि दुनिया की नजरें इस शो पर टिकी हैं। इसकी अहमियत का अदांजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि खुद अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप इस मंच पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में यहां यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर इस मेगा शो में ट्रंप की आने की क्‍या जरूरत पड़ी। क्‍या सच में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को साधने के लिए ट्रंप इस मंच को साझा कर रहे हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे का क्‍या है पूरा सच है। इसके साथ अमेरिकी सियासत में इसका क्‍या प्रभाव पड़ेगा।

2020 के अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव पर ट्रंप की नजर

दरअसल, वर्ष 2020 में अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनाव होने हैं। इस चुनाव में एशियाई मूल के लोगों की खासकर अमेरिकी भारतीयों की बड़ी भूमिका होती है। क्‍योंकि अमेरिका में 20 फीसद लोग एशियाई देशों के हैं। संख्‍याबल के कारण इनका अमेरिकी राजनीति में काफी दबदबा है। ऐसे में लाजमी है अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव में अहम रोल होता है।

डेमोक्रेट्स की ओर झुकाव

परंपरागत रूप से देखा जाए तो चुनावों में इन भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों का झुकाव डेमोक्रेट्स की ओर होता है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी से हैं। ट्रंप का प्रयास है कि राष्‍ट्रपति चुनाव में मोदी की लोकप्रिय छवि को कैश किया जाए। अगर ट्रंप मोदी के साथ इस मेगा शो के मंच को साझा करते हैं तो यह सहानुभूति रिपब्लिकन पार्टी को मिल सकती है। इस तरह ट्रंप ने बहुत दूर की चाल चली है। उन्‍होंने डेमोक्रेट्स के वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है। अगर ट्रंप अपने इस अभियान में सफल होते हैं तो यह रिपब्लिकन पार्टी की बड़ी जीत मानी जाएगी।

भारत की कूटनीतिक जीत

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा को भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। पुलवामा आतंकी हमले का मामला हो या कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 खत्‍म होने पर भारत के स्‍टैंड का दुनिया भर में समर्थन का सवाल हो, भारत ने पाकिस्‍तान को हर मोर्चे पर शिकल्क दी है। जिस तरह से ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा करने की उत्‍सुकता दिखाई है, उससे दुनिया में भारत का नाम शिखर पर आया है। यह उम्‍मीद की जा रही है कि ट्रंप इस मंच से कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं, जो दोनों देशों के लिए संबंधों में दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं।  

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