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आतंकवादी या आतंकवाद के शिकार? UNGA में पेजेश्कियान की ट्रंप को चुनौती, युद्ध में नहीं करेंगे सरेंडर

Published: Wed, 23 Sep 2026 10:44 PM (IST)Updated: Wed, 23 Sep 2026 11:08 PM (IST)

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को जवाब देते हुए कहा कि ईरान ...और पढ़ें

UNGA में पेजेश्कियान की ट्रंप को चुनौती। (रॉयटर्स)

UNGA में पेजेश्कियान की ट्रंप को चुनौती। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. ईरान युद्ध में अमेरिका के सामने सरेंडर नहीं करेगा।

  2. राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कूटनीति से शांति की वकालत की।

  3. ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा।

डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने बुधवार को विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ युद्ध में सरेंडर नहीं करेगा, लेकिन युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीति में यकीन करता है।

इससे पहले ट्रंप ने मंगलवार को इसी मंच से अपने संबोधन में ईरान को बर्बाद करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि ईरान ने अमेरिका के साथ शांति समझौता नहीं किया तो उसका बहुत बुरा हश्र होगा। अमेरिका उसे किसी भी कीमत पर परमाणु बम नहीं बनाने देगा। इससे पूरे विश्व को खतरा है।

युद्धपोतों की तैनाती और युद्ध के बढ़ने से शांति नहीं आएगी- पेजेश्कियान

पेजेश्कियान ने कहा, "ऐसा नहीं हो सकता कि होर्मुज स्ट्रेट से सभी को फायदा हो, जबकि हमें इस जलमार्ग के माध्यम से शिपिंग की अनुमति न मिले। दुश्मन के युद्धपोतों की लगातार तैनाती और युद्ध के बढ़ने से शांति नहीं आएगी।"

उन्होंने ईरान की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और इसे रक्षात्मक बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका देश परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी राष्ट्रपति के संबोधन से पहले ही अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बाहर चला गया था।

एपी के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके देश के लोग अमेरिका द्वारा आतंकवाद के शिकार हुए हैं।

वार्ता बहाल करने की कोशिश भी जारी

रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए फिर से कोशिशें की जा रही हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने कतर की मध्यस्थता के जरिये वाशिंगटन से संपर्क किया और वार्ता की शर्तें साझा की गईं। इसमें सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना और अमेरिका की आक्रामक कार्रवाई को रोकना शामिल है।

ईरानी सरकारी मीडिया में शुरू में कुछ ऐसी खबरें आई थीं कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के विशेष दूत विटकाफ की मुलाकात हुई, लेकिन बाद में ईरानी अधिकारियों ने बताया कि यह आमने-सामने की मुलाकात नहीं थी।

(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)