जिनेवा, एएफपी। संयुक्‍त राष्‍ट्र जिनेमा में अमेरिका के राजदूत का कहना है कि सीरिया का निरस्त्रीकरण सभा का अध्‍यक्षता करना बेहद हास्‍यास्‍पद है। इसके बाद सीरियाई प्रवक्‍ता ने जैसे ही बोलना शुरू किया वह बाहर चले गए। सत्र शुरू होने से पहले रॉबर्ट वुड ने कहा, 'सीरिया की इस सभा में उपस्थिति किसी मजाक से कम नहीं है। सीरिया की मौजूदा सरकार ने अनगिनत अपराध अपनी जनता पर पर किए हैं। सरकार ने अपनी आवाम पर केमिकल हथियारों का इस्‍तेमाल भी किया है। इसलिए सीरिया का इस संस्‍था की अध्‍यक्षता करना कतई स्‍वीकार्य नहीं होगा।'

सीरिया को लेकर कुछ दिनों पहले खबरें आई थीं कि वहां विद्रोहियों के खिलाफ मौजूदा सरकार ने केमिकल हथियारों का इस्‍तेमाल किया है। इसे लेकर कई देशों ने सीरिया की निंदा की थी। रॉबर्ट ने कहा, 'उनके(सीरिया) पास कोई नैतिक अधिकार या विश्‍वसनीयता इस संस्‍था की अध्‍यक्षता करने की नहीं है। हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि चार सप्‍ताह तक सीरिया की अध्‍यक्षता में चलने वाले इस सत्र का हम विरोध करते हैं। हमारा ये विरोध लगातार जारी रहेगा।' ऐसा माना जा रहा है कि अन्‍य देश भी अमेरिका के साथ सीरिया का विरोध कर सकते हैं।

बता दें कि सोमवार को निरस्‍त्रीकरण सभा की अध्‍यक्षता करने की बारी सीरिया की आई। निरस्‍त्रीकरण के मुद्दे पर ये सभा दशकों से चली आ रही है। इस संस्‍था में 65 सदस्‍य हैं। अंग्रेजी वर्णमाला के अनुसार एक बाद दूसरे देश को निरस्‍त्रीकरण सभा की अध्‍यक्षता करने का अवसर दिया जाता है। इस बार सभा की अध्‍यक्षता करने की बारी सीरिया की है। आज अधिवेशन के खुले सत्र का पहला दिन है, जिसमें अमेरिकी राजदूत ने अपना विरोध दर्ज कराया है। सीरिया के राजदूत हुसम एदिन आला ने जैसे ही सत्र की शुरुआत की, वैसे ही अमेरिकी राजदूत वहां से बाहर चले गए। इसके अलावा सत्र में उपस्थिति फ्रांस के प्रतिनिधि ने भी कहा कि सीरिया को इस संस्‍था की अध्‍यक्षता करने का नैतिक अधिकार नहीं है।

Posted By: Tilak Raj

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