वाशिंगटन, एएनआइ। अक्सर कहा जाता है कि घर का माहौल जैसा होता है वैसा ही बच्चों का व्यवहार होता है। अब इस बात की शोधकर्ताओं ने भी वैज्ञानिक तरीके पुष्टि कर दी है। एक नए अध्ययन में बताया गया है कि माता-पिता के बीच के भावनात्मक संबंध में उनके बच्चे के भविष्य को आकार देने की क्षमता होती है।

'डेमोग्राफी' जर्नल में यह अध्ययन प्रकाशित किया गया है। मिशीगन यूनिवर्सिटी और कनाडा के क्यूबिक के मैकगिल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए नेपाल के परिवारों का डाटा एकत्र किया। इस अध्ययन के सह लेखक विलियम एक्सिन ने बताया कि नेपाल से जुटाया गया डाटा हमें सुबूतों के करीब ले जाता है। भले ही यह अध्ययन नेपाल के परिवारों पर किया गया है, लेकिन ये स्थितियां सार्वभौमिक हैं। अध्ययन में बताया गया कि ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता के बीच में प्यार होता है वे उच्च स्तर की पढ़ाई करने में सफल हो पाते हैं।

अध्ययन के प्रमुख लेखक सारा ब्रूनर-ओटो ने बताया कि जब माता-पिता में प्यार होता है वह अपने आप ही बच्चों पर ज्यादा समय खपाते हैं, जिससे बच्चों का भविष्य सही दिशा में आकार लेता है। इसके साथ ही घर का माहौल भी खुशनुमा रहता है जिसकी वजह से बच्चों को तनाव के माहौल से नहीं गुजरना पड़ता है। ऐसे बच्चे अपने माता-पिता को रोल मॉडल के रूप में देखते हैं और अपने निर्णय लेने में जल्दबाजी नहीं दिखाते हैं।

मां पर घरेलू हिंसा होने से बच्चों पर पड़ता है कुप्रभाव

जब घर में मां पर हिंसा होती है तो बच्चे पर उसका कुप्रभाव पड़ता है। ऐसी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई और उनका स्कूल जाना प्रभावित हो जाता है। शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में इस बात को प्रमाणित किया है। 'मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ' जर्नल में यह अध्ययन प्रकाशित किया गया है। अध्ययन में मेक्सिको सिटी की 659 एसी महिलाओं को शामिल किया गया जिनके बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम थी और वे अपने पार्टनर द्वारा हिंसा का शिकार हुईं थीं।

 

Posted By: Sanjeev Tiwari

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